दिल्ली परिवहन विभाग की ओर से एक साल के परमिट वाली टैक्सियों से दो साल का पार्किंग शुल्क वसूलने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को दिल्ली परिवहन आयुक्त से मिला। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि दो गुना पार्किंग शुल्क देने से टैक्सी चालकों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने परिवहन आयुक्त राजीव वर्मा को बताया कि दो महीने से परिवहन विभाग पार्किंग के लिए कुछ टैक्सियों से 1500 रुपये और कुछ टैक्सियों से 2500 रुपये निर्धारित राशि से अधिक ले रहा था। इस तरह परिवहन विभाग दिल्ली के टैक्सी चालकों से करोड़ों रुपये वसूल चुका है। उन्होंने कहा कि जिन टैक्सियों का परमिट महज एक साल के लिए बाकी है नए आदेश के तहत उनकी फिटनेस भी दो साल के लिए की जा रही है। ऐसा होने से टैक्सी चालकों से दो साल का शुल्क लिया जा रहा है।
उन्होंने परिवहन आयुक्त से मांग की कि ऐसे टैक्सी चालकों को एक साल की फीस लौटाई जाए, जिनके वाहनों का परमिट सिर्फ साल के लिए वैध है, लेकिन शुल्क दो साल का वसूला गया है। इस पर परिवहन आयुक्त ने आश्वासन दिया कि 15 दिनों में चालकों को एक साल की फीस वापस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।