दिल्ली पुलिस अपने महकमे के जवानों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ती है, इसका नमूना गोकलपुरी इलाके में देखने को मिला। करीब दो साल पूर्व पीसीआर कर्मी ने बाइक सवार डीयू के छात्र को टक्कर मार दी।
हादसे में पीड़ित छात्र शैलेंद्र चौहान बुरी तरह जख्मी हो गया। पुलिस ने उसकी शिकायत पर मामला दर्ज करने की जगह उल्टा शैलेंद्र के खिलाफ ही लापरवाही से बाइक चलाने का मामला दर्ज कर लिया। शैलेंद्र ने पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के लिए जिला पुलिस उपायुक्त, दिल्ली पुलिस आयुक्त और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी लिखा, लेकिन इंसाफ नहीं मिला।
परेशान शैलेंद्र ने कड़कड़डूमा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद दो साल बाद गोकलपुरी थाने में आरोपी पुलिसकर्मी धनपथ (पीसीआर चालक) के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
'हादसे के बाद पीसीआर कर्मी ने किया था भागने का प्रयास'
पुलिस
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पुलिस के मुताबिक, शैलेंद्र परिवार के साथ गली नंबर-26, हर्ष विहार में रहता है। वह डीयू में पत्राचार से ग्रेजुएशन कर रहा है। गत छह जून, 2014 को पेपर देखकर घर लौट रहा था।
इस बीच पीछे से आई पीसीआर ने शैलेंद्र की बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद पीसीआर कर्मी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने घेर लिया। हंगामे के दौरान भीड़ ने पीसीआर के शीशे तोड़ दिए।
इधर, शैलेंद्र को जख्मी अवस्था में जीटीबी में भर्ती कराया गया। उसके गुप्तांग पर गंभीर चोट लगी थी। उसका ऑपरेशन किया गया। कई दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली।
घर पहुंचने पर शैलेंद्र को पता चला कि पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करने की जगह उसके खिलाफ ही दर्ज कर लिया है। इसके बाद शैलेंद्र ने कड़कड़डूमा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को आरोपी पुलिसकर्मी धनपथ के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया है।