दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 1.07 बजे पुलिस को सूचना मिली कि दो लोग सेप्टिक टैंक में सफाई करने के लिए उतरे थे। सेफ्टी में जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई है। सूचना के बाद सरिता विहार थानाध्यक्ष जीत सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने दमकल विभाग की गाड़ियों को बुलाया। पुलिस व दमकलकर्मियों ने बेसुध हालत में दोनों मजदूरों को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
इकबाल ने सेफ्टी टैंक को साफ करने के लिए रखा हुआ था
शुरुआती जांच में पता चला है कि ई-78 ओल्ड जसौला गांव में मोहम्मद इकबाल रहता है। प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला कि ओल्ड जसोला गांव में रहने वाले इकबाल सेप्टिक टैंक की सफाई कराने का काम करता है। उसने अपने यहां काम करने के लिए दो मजदूर रखे हुए हैं। दोनों मजदूर ट्रैक्टर की मदद से सेप्टिक टैंक की सफाई का काम करते हैं।
वाल्व खराब होने से सेफ्टी टैंक में उतरे थे
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों मजदूर शुक्रवार दोपहर ओल्ड जसोला गांव में ही सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे थे। दोनों मजदूरों ने दो बार सैप्टिक टैंक में मौजूद कूड़े को ट्रैक्टर की मदद से दो बार टैंक को साफ कर दिया था। वाल्व फिट नहीं होने के चलते तीसरी बार दोनों मजदूरों को खुद टैंक में उतरना पड़ा। टैंक के अंदर दोनों गैस की चपेट में आग गए और बेसुध हो गए। दोनों देर तक बाहर नहीं आए तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फायर की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को टैंक से बाहर निकाला। पुलिस की जांच में सामने आया कि हादसे के समय इकबाल सिंह खुद भी मौके पर था। लेकिन दोनों मजदूरों के टैंक में बेसुध हो जाने पर वह मौके से फरर हो गया। सरिता विहार पुलिस का कहना है कि इकबाल को जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा।