वायु प्रदूषण पर रोक लगाने वाली मुहिम, ऑड-ईवन फॉर्मूले से दोपहिया वाहनों और महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले वाहनों को छूट मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नेशलन ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें सभी वाहनों को इस स्कीम में लाने का आदेश दिया गया था।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दिल्ली सरकार ने कहा कि राजधानी में करीब 68 लाख दोपहिया वाहन हैं। ऐसे में यदि दोपहिया वाहनों को भी ऑड-ईवन के दायरे में लाया गया, तो लोगों को सार्वजनिक वाहनों में समेटना नामुमकिन हो जाएगा। गत वर्ष 11 नवंबर को एनजीटी ने सभी वाहनों को ऑड-ईवन स्कीम के दायरे में लाने का आदेश दिया था। इसके बाद 15 दिसंबर को एनजीटी ने दिल्ली सरकार की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी थी।
दिल्ली सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एनएनएस नादकर्णी ने सोमवार को पीठ से कहा कि दोपहिया वाहनों के अलावा सुरक्षा कारणों से महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले चारपहिया वाहनों को भी इस स्कीम से बाहर रखा जाए। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहनों को इसके दायरे में लाने से 25 लाख लोगों को सार्वजनिक वाहनों में समेटना असंभव हो जाएगा। पीठ ने फैसले पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को भी नोटिस जारी किया है, जिसकी याचिका पर एनजीटी ने सभी वाहनों को ऑड-ईवन के दायरे में लाने का आदेश दिया था।
48 घंटे हालात खराब रहने तक स्वत: लागू हो जाता है फॉर्मूला
दिल्ली-एनसीआर में लगातार 48 घंटे तक पीएम-10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और पीएम-2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर हो जाए, तो राष्ट्रीय राजधानी में ऑड-ईडन स्कीम स्वत: चालू हो जाता है। इसके तहत ऑड नंबर वाले वाहन ऑड तारीख और ईवन नंबर वाले वाहन तारीख में ही चलाए जा सकते हैं।