दो माह में दो और अंडरपास शहर को गाजियाबाद को जोड़ेंगे। ये अंडरपास निर्माणाधीन मेरठ एक्सप्रेसवे के नीचे बन रहे हैं। इससे वाहनों का आवागमन सुगम होगा। फिलहाल दो अंडरपास के तीन बॉक्स शुरू किए गए हैं। बता दें कि नोएडा और गाजियाबाद की सीमा में 7 अंडरपास निर्माणाधीन हैं। सभी का काम अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा।
वहीं, एक्सप्रेसवे का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि नोएडा और गाजियाबाद के वाहनों को बिना एक्सप्रेसवे पर चढ़े आर-पार कराने के लिए 7 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इनमें से पांच नोएडा और गाजियाबाद को सीधे तौर पर जोड़ेंगे। वहीं, दो अंडरपास गाजियाबाद क्षेत्र में हैं।
यहां-यहां अंडरपास खुले
सेक्टर-63 में शनि मंदिर और सीआईएसएफ कट के बीच के अंडरपास का एक हिस्सा (बॉक्स) पहले ही खुल गया था। वहीं, एक हिस्सा चार दिन पहले खुला है। यानी यहां से वाहनों को नोएडा और गाजियाबाद की ओर जाने के लिए यूटर्न लेने में मदद मिलेगी। इसके अलावा नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने के लिए काला पत्थर के पास के अंडरपास का एक हिस्सा खुला है।
यहां से एक ओर जाने के लिए वाहनों को अनुमति मिलेगी। हालांकि अभी दोनों तरफ के वाहन इसका उपयोग कर रहे हैं। इसके बगल में एक हिस्सा अभी निर्माणाधीन है। इसके बनने के बाद आने और जाने के लिए अलग-अलग अंडरपास के बॉक्स उपलब्ध होंगे।
एक से दो माह में यहां खुलेंगे अंडरपास
अगले एक माह में मॉडल टाउन के बगल का अंडरपास खुल जाएगा। यहां मेट्रो के काम की वजह से अप्रोच रोड का काम अटका हुआ है। इसके पूरा होते ही अंडरपास खुल जाएगा। इसके अलावा शिप्रा मॉल का अंडरपास दो माह में खोलने का दावा किया जा रहा है, यहां अभी काम बचा हुआ है। इसी तरह से मकनपुर और साईं मंदिर के पास का अंडरपास भी दो माह में खुल जाएगा। यह गाजियाबाद के क्षेत्र में आता है।
सेंट्रल वर्ज में चल रहा काम
एक्सप्रेसवे के सड़क निर्माण के क्रम में अंडरपास को चार भागों में बनाया जा रह है। इसमें दो भाग हाइवे और दो भाग एक्सप्रेसवे के नीचे आ रहे हैं। कुछ स्थानों पर अंडरपास निर्माण के क्रम में हाइवे के भाग के नीचे का काम पूरा हो चुका है। वहीं, अब एक्सप्रेसवे के नीचे का काम चल रहा है। इसके बाद ऊपर की सड़क बन जाएगी।
नोएडा-गाजियाबाद के क्षेत्र में आने वाले 7 अंडरपास का काम अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद दोनों ओर से वाहनों के आने-जाने में आसानी होगी। सड़क का काम भी प्रगति पर है।
- आरपी सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई