नई दिल्ली जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने दो हाईप्रोफाइल जालसाजों मुथरा निवासी कृष्ण कुमार गौड़ और शामली, यूपी निवासी शिवम चौहान को गिरफ्तार किया है। कृष्ण गौड़ खुद को पर्यटन मंत्रालय में आईएएस अफसर बताता था, जबकि शिवम चौहान पीएमओ में आयुक्त होने का दावा करता था। आरोपी दिल्ली, हरियाणा और यूपी समेत कई राज्यों में लोगों को सरकारी विभागों से काम दिलाकर या फिर रुके हुए काम कराने का झांसा देकर ठगी करते थे। कृष्ण कुमार गौड ने सोशल साइट पर फर्जी प्रोफाइल भी बना रखा था।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खादी ग्रामोद्योग के कर्मचारी ने 11 जुलाई को शिकायत दी थी कि शिवम चौहान खादी ग्रामोद्योग के चेयरमैन से मीटिंग करने का दबाव बना रहा है। पुलिस के कहने पर मीटिंग तय की गई। 12 जुलाई को शिवम देहरादून के राबी रावत व एक अन्य को लेकर खादी ग्रामोद्योग पहुंचा। शिवम ने चेयरमैन से राबी रावत व दूसरे व्यक्ति को नौकरी देने की बात कही। बदले में कहा कि वह पीएमओ से काफी फायदा पहुंचवा देगा। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने शिवम को पकड़ लिया। उसे मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल स्टाफ के कार्यालय ले जाया गया और फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया। शिवम के जरिए बुलवाकर कृष्णा कुमार गौड को भी गिरफ्तार कर लिया गया। स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार की टीम ने मामले की तफ्तीश की थी।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों बी-ब्लाक, सुशांत लोक फेज-1, गुरुग्राम में रहकर गैरकानूनी काम कर रहे थे आईआईआईटीएम, ग्वालियर से एमबीए गौड़ पर्यटन मंत्रालय के अधीन आने वाले एपिरल ट्रेनिंग एंड डिजाइनिंग सेंटर में खुद के आईएएस अफसर होने का दावा करता था। उसने कार पर भारत सरकार लिखा हुआ था। उसने महिपाल नामक व्यक्ति को पीएसओ कम ड्राइवर रखा हुआ था। हालांकि महिपाल को भी असलियत का पता नहीं था। महिपाल ने बताया कि गौड़ अक्सर गुरुग्राम के बड़े होटलों में खुद को आईएएस अफसर बताकर फ्री खाना खाता था। आरोपी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का कोर्डिनेटर रह चुका है। वह इसी का फायदा उठाता था।
आरोपी की राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ फोटो हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहे शिवम के पास से पीएमओ में आयुक्त होने का फर्जी परिचय पत्र मिला है। यह परिचय पत्र गौड़ ने बनवाकर दिया था। यह भी बताया जा रहा है कि गौड़ की दिल्ली पुलिस मुख्यालय में काफी पैठ थी और वह वहां जाता रहता था। युवा स्कीम के तहत दिल्ली पुलिस के जो कार्यक्रम होते थे, गौड़ उनका आयोजन करता था। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।