पुलिस ने हरि नगर के मकान पर छापा मारकर नईम को दबोच लिया। वहां से करीब एक लाख 17 हजार, 150 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। घर से एक प्रिंटर, कागज के बंडल, स्याही व अन्य सामान बरामद हुआ। नईम ने बताया कि वह रघुबीर नगर में जुआ खेलने के दौरान मनीष से मिला था।
दोनों पर मोटा कर्ज था। इसलिए उसने नकली नोट छापना सीखा। आरोपी बगैर सुरक्षा धागे के नोट छापते थे। नोटों को रात को बाजारों या शराब की दुकान पर चलाते थे। कुछ नोटों को यह महज 10 फीसदी कीमत में बेच देते थे।
50 रुपये का नोट बनाने में तो इन्होंने इतनी महारत हासिल कर ली थी कि उसमें सुरक्षा धागा भी डालने लगे थे। ये पिछले कुछ समय में करीब 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं।