उत्तर प्रदेश, अमरोहा के दो नाबालिग बच्चों ने अपने पिता की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें कहा गया है कि इनके पिता कांग्रेस नेता सचिन चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना महामारी से निपटने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
याचिका में दावा किया गया है कि अमरोहा पुलिस ने 11 अप्रैल को सचिन चौधरी के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने को लेकर एक एफआईआर दर्ज की थी। इसमें कोरोना वायरस से लड़ने के लिए राज्य द्वारा उठाए गए कदमों पर सवाल उठाया गया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले को गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
याचिका में बच्चों ने कहा है कि उनके पिता ने प्रवासी मजदूरों को भोजन और अन्य आवश्यक सामान भी पहुंचाया था, जो दिल्ली-मुरादाबाद राजमार्ग से 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन के कारण अपने मूल स्थानों की रवाना हो रहे थे।
इनके वकील समरहर सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता के पिता कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं और सत्तारूढ़ पार्टी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं। इसी राजनीतिक प्रतिशोध के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है और एफआईआर दर्ज की गई है।