फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही: बिना पीपीई किट पहने दो लोगों ने उतरवाया शव,...आखिर में महिला को नहीं मिला अपनों का कंधा

Sat, 02 May 2020 09:17 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
coronavirus in ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी कोरोना पॉजिटिव महिला का शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे अंतिम संस्कार हो गया लेकिन अंतिम संस्कार में घोर लापरवाही बरती गई। पीपीई किट पहने चार कर्मचारी महिला का शव एंबुलेंस से नहीं उतार सके तो वहां मौजूद दो अन्य लोगों की मदद ली गई। 
विज्ञापन


लापरवाही यह रही कि इन दोनों ने पीपीई किट नहीं पहनी थी। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे महिला की मौत हुई थी और उसे करीब 24 घंटे बाद आग नसीब हुई। यह पूरा वक्त कागजी कार्रवाई में निकल गया। 

प्रताप विहार में रहने वाले महिला (60) की बृहस्पतिवार शाम नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल में मौत हो गई थी। बुजुर्ग डायबिटीज के अलावा कई अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं। महिला मूल रूप से टुंडला की रहने वाली थी। 
विज्ञापन


वह बेटे के पास जनवरी में प्रताप विहार आई थीं। मार्च में घर जाना चाहती थीं लेकिन लॉकडाउन होने के कारण वापस नहीं जा सकीं। 27 अप्रैल को सिर दर्द की परेशानी हुई तो उन्हें 28 को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
 

कोरोना संक्रमण से महिला की मौत के बाद शुक्रवार को हिंडन घाट पर तीन परिजनों, मजिस्ट्रेट व नगर स्वास्थ्य अधिकारी की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। मृतका के बड़े बेटे ने पीपीई किट पहनकर मुखाग्नि दी। 

अंतिम संस्कार में परिवार से तीन लोग दो बेटे और एक अन्य परिजन पहुंचा। पीपीई किट न पहने होने के कारण छोटा बेटा और परिजन मृतका को हाथ भी नहीं लगा सके। वहीं, श्मशान घाट पर पुजारी ने दूर से अंतिम संस्कार की क्रियाएं करवाई।

मृतका का वजन ज्यादा होने से एंबुलेंस से शव उतारने में परेशानी हुई। चार स्टाफ ने पीपीई किट पहन रखी थी लेकिन वे चारों लोग शव उतार नहीं पाए तो वहां पर मौजूद अनय दो कर्मचारियों को लगाया गया। 

दोनों के पास सुरक्षा के कोई संसाधन मौजूद नहीं थे। हालांकि शव को पूरी तरह से कवर किया गया था। यह दोनों युवक अंतिम संस्कार के दौरान भी मौजूद थे। 
 
विज्ञापन

मृतका के कोरोना संक्रमित होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन द्वारा नायब तहसीलदार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। जबकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश उपस्थित थे। 

डॉ. मिथिलेश ने बताया कि उन्होंने महिला का अंतिम संस्कार कराया। बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने चिता जलाई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें