बाहरी-उत्तरी जिले की मानव तस्करी विरोधी इकाई ने भलस्वा डेयरी से अपहृत दो नाबालिग लड़कियों को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से सकुशल बरामद किया है। लड़कियां पिछले साल दिसंबर महीने से अपने घर के पास से गायब हो गई थीं।
दिल्ली पुलिस ने इनकी सूचना देने पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि राजीव नगर निवासी एक महिला ने 23 दिसंबर को भलस्वा डेयरी थाने में अपनी 15 साल की बेटी और उसकी 13 साल की सहेली के अपहरण की शिकायत की थी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। स्थानीय पुलिस की तलाश में दोनों का कोई सुराग नहीं मिला था। बीती 17 अप्रैल को मामले को मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) को स्थानांतरित कर दिया गया था। निरीक्षक प्रमोद तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की थी।
टीम ने लापता लड़कियों के परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू की, जिसमें एक लड़की की मां ने बताया कि उनकी बेटी एक लड़के के संपर्क में थी। पुलिस ने उस लड़के से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसके बाद पुलिस ने उस लड़के के मोबाइल नंबर और उसके इंस्टाग्राम विवरण के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) प्राप्त किए। तकनीकी निगरानी करने पर पुलिस को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में एक मोबाइल नंबर देखा गया। श्रीनगर पहुंचने पर टीम ने पाया कि मोबाइल नंबर बंद था। पुलिस ने संदिग्ध के मोबाइल नंबर की नई सीडीआर प्राप्त की। उसी क्षेत्र में सक्रिय एक नया मोबाइल नंबर पुलिस टीम ने देखा। जिसके जरिए पुलिस ने सौरा थाना क्षेत्र में एक मकान पर छापा मारा, जहां से पुलिस ने एक लड़की को बरामद कर लिया।
घरेलू सहायिका का कर रही थी काम
पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी, खेलते-खेलते पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। वापस घर आने के लिए रास्ते की तलाश कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति मिला, जिसने गुमराह कर नौकरी और पैसे देने का आश्वासन दिया। वह श्रीनगर ले आया और उन्हें एक एजेंट को सौंप दिया, जिसने उनके लिए घरेलू सहायिका के रूप में रोजगार की व्यवस्था की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसकी सहेली को श्रीनगर जम्मू और कश्मीर में दूसरे पते से बरामद कर लिया।