पटियाला हाउस कोर्ट ने भगोड़े आरोपी नाइजिल पॉल को ब्रिटेन भेजने की अनुमति दे दी है। पाल पर तीन महिलाओं के साथ दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और अश्लील संवाद के मामले स्कॉटलैंड की एक अदालत में चल रहे हैं।
आरोपी ब्रिटिश नागरिक है और अपराध के बाद भारत भाग आया था। वह केरल के कोच्चि में पकड़ा गया था जिसे दिल्ली लाया गया। उसी समय से वह न्यायिक हिरासत में है। अदालत के समक्ष उसने स्वेच्छा से प्रत्यर्पण के लिए सहमति दी, जिसके बाद अदालत ने गवाहों की जिरह को भी समाप्त कर दिया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रणव जोशी की अदालत ने पारित आदेश में कहा कि केंद्र सरकार को आदेश दिया जाता है कि वह पॉल को ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड की सरकार को प्रत्यर्पित करे जिससे वह स्कॉटलैंड के हाईकोर्ट में मुकदमे का सामना कर सके। अदालत ने पाल को प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं पूरी होने तक तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। जेल अधीक्षक को आदेश दिया गया कि वे हर सात दिन में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपी को अदालत के समक्ष पेश करें।
यूके सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय के माध्यम से 24 दिसंबर, 2024 को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था। आरोप है कि जनवरी से अगस्त 2018 के बीच पॉल ने स्कॉटलैंड के एक केयर होम में तीन महिलाओं के साथ यौन अपराध किया था। पॉल पहले अगस्त, 2018 और जनवरी, 2019 में स्कॉटलैंड की अदालत में पेश हुआ था, लेकिन दिसंबर, 2019 में अंतिम सुनवाई से ठीक एक दिन पहले भारत भाग आया।