दिल्ली के हौजकाजी इलाके में मंगलवार रात छत पर टहल रहीं दो सहेलियां संदिग्ध हालात में चौथी मंजिल से गिर गई। दोनों को लोकनायक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने सुनीता(25) को मृत घोषित कर दिया। तृप्ति (19) गंभीर है। अभी तक की जांच में पुलिस हादसे की आशंका जता रही है। तृप्ति के भाई ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले अपनी बहन को नीचे आने के लिए कहने छत पर गया था तो दोनों बातचीत कर रही थीं।
मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन ने बताया कि मंगलवार रात पुलिस को रात पौने नौ बजे एक लड़का और लड़की के छत से छलांग लगाने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां सुनीता गंभीर अवस्था में पड़ी मिली। उसके सिर में गंभीर चोट थी। पता चला कि तृप्ति के परिजन उसे लोक नायक अस्पताल ले गए हैं। पुलिस सुनीता को लेकर अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुनीता अपने परिजनों के साथ रहती थी। पिता का नाम रमेश है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य हासिल किए। अस्पताल पहुंची पुलिस को पता चला कि तृप्ति बयान देने की हालत में नहीं है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि सुनीता सीधा गिरी जबकि तृप्ति गिरने के दौरान तार में उलझ गई थी।
फरवरी में हुई थी सुनीता की शादी :
सुनीता के पिता रमेश ने पुलिस को बताया कि सुनीता की शादी इसी साल फरवरी माह में यूपी निवासी कपिल से हुई थी। शादी के सात आठ दिन बाद सुनीता को लकवा हो गया था। पिता उसे इलाज के लिए दिल्ली ले आए थे तब से वह परिजनों के साथ रह रही थी। आस पास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दोनों अक्सर घरों की छतों पर साथ-साथ टहलती थीं।
वाटर स्टोरेज टैंक की छत टूटी, तीन किशोर घायल
शाहबाद डेयरी के रोहिणी सेक्टर-28 स्थित बागवान अपार्टमेंट में बने वाटर स्टोरेज टैंक की छत अचानक भरभराकर गिर गई। टैंक की छत पर बैठे सार्थक, जितेंद्र और उनका एक और साथी करीब सात फीट गहरे टैंक में गिर गए। तीनों की उम्र 12 से 14 साल के बीच है। गनीमत रही कि तीनों को मामूली चोट आई। प्राथमिक इलाज के बाद तीनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
रविवार शाम पार्क में बने वाटर स्टोरेज टैंक पर तीन किशोर खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक टैंक की छत टूट गई और तीन किशोर सात फीट गहरे टैंक में गिर गए। गनीमत थी कि उस समय टैंक में पानी कम था। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत टैंक से किशोरों को बाहर निकाला। बागवान अपार्टमेंट आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अमर ने बताया कि टैंक के निर्माण डीडीए ने कराया था। उन्होंने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि घटिया साम्रगी की वजह से टैंक की छत जर्जर थी। शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।