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Delhi: घर बैठे ज्यादा पैसे कमाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो जालसाज गिरफ्तार, ऐसे बनाते थे शिकार

Sun, 19 Mar 2023 07:00 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव टिकरी, बागपत यूपी निवासी अंकित राठी (30) और गांव किरथल बागपत निवासी सुधीर कुमार (45) के रूप में पुई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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बाहरी जिला साइबर सेल ने वर्क फ्राम होम के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जालसाजों के एक बैंक खाते को जब्त किया है। जिसमें 64 लाख रुपये हैं। आरोपी ने रोजाना तीन से 20 हजार रुपये का निवेश करने करने पर 30 फीसदी अधिक रिटर्न देने का झांसा देते थे।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव टिकरी, बागपत यूपी निवासी अंकित राठी (30) और गांव किरथल बागपत निवासी सुधीर कुमार (45) के रूप में पुई है। पीतमपुरा निवासी हरीन बंसल ने बाहरी जिला साइबर सेल में ठगी की शिकायत की थी। जिसमें उसने बताया कि उसे इंस्टाग्राम पर घर से काम करके रोजाना बड़ी कमाई करने की एक पोस्ट मिली। उसपर क्लिक करने पर एक वेबसाइट पर पंजीकरण करने के लिए कहा गया। जिसके जरिए एक मोबाइल नंबर मिला। जिसपर बात करने पर कहा गया कि उन्हें वेबसाइट पर दिए गए कार्यों को पूरा करना है। 

आरोपियों ने कहा कि दिए गए कार्य पूरा करने पर उसे मूल राशि के साथ-साथ कमीशन मिलेगा। पीड़ित ने शुरु में कम राशि जमा की और अपने बैंक खाते में कमीशन भी निकाला, लेकिन बाद में अधिक पैसा निवेश करने पर वह उसे निकाल नहीं पाए। आरोपियों ने पैसे निकालने के लिए उससे कई मदों में 9.3 लाख रुपये की ठगी कर ली।
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निरीक्षक संदीप पंवार के नेतृत्व में जांच के दौरान पता चला कि पीड़ित से ठगे गए पैसे नौ अलग-अलग बैंक खाते में डाले गए हैं। इनमें छह लाख रुपये अंकित के खाते में भेजे गए थे। पुलिस टीम तकनीकी जांच कर अंकित को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। वह उस समय एक अन्य व्यक्ति के साथ बैंक में खाता खुलवाने जा रहा था। पूछताछ करने पर सुधीर के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उसके निशानदेही पर सुधीर को गिरफ्तार कर लिया। वह बागपत में रियल एस्टेट एजेंट के रूप में काम करता है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लोगों को अंशकालिक नौकरी का लालच दिया जाता था। उन्हें तीन हजार से 20 हजार का निवेश करने पर ज्यादा रकम कमाने का लालच दिया जाता था। जालसाज शुरू में 100 रुपये से 1000 रुपये के छोटे निवेश पर उच्च रिटर्न देते थे। पीड़ितों का विश्वास हासिल करने के बाद पीड़ित अधिक रकम लेकर फरार हो जाते थे।

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