नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में एक ही पंजीकरण नंबर वाली दो फॉर्च्यूनर बरामद की गई हैं। इतना ही नहीं जांच में दोनों ही गाड़ियां चोरी की पाई गई हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले संदिग्ध और चोरी के वाहनों तथा पुरानी कार बेचने वाले डीलरों की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में वाहन बरामद किए गए। पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि जिले के एएटीएस प्रभारी मुकेश मीना व एसआई गजेंद्र की टीम को सूचना मिली थी कि दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग स्थानों पर एक ही पंजीकरण नंबर वाली दो एसयूवी (फॉर्च्यूनर) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, स्वामित्व संबंधी विवरण का सत्यापन किया और मौके पर जाकर जांच की। इसके बाद दोनों एसयूवी को अलग-अलग स्थानों से बरामद कर एएटीएस कार्यालय लाया गया और उनका सत्यापन हुआ। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि भौतिक जांच के दौरान दोनों वाहनों पर एक ही पंजीकरण और चेसिस नंबर अंकित पाए गए। इसके बाद उन्हें अधिकृत टोयटा सर्विस सेंटर भेजा गया, जहां तकनीकी जांच में दोनों वाहनों के चोरी के होने की पुष्टि हुई।
पुलिस उपायुक्त स्वामी ने बताया कि बरामद एसयूवी में से एक गाड़ी गांधी नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में भी शामिल पाई गई। इस मामले में आरोपी की पहचान विवेक विहार निवासी आर्यन मावी (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि बरामद दोनों गाड़ियाँ गांधी नगर और प्रीत विहार थानों में दर्ज मामलों से जुड़ी हुई है। मामले की आगे जांच जारी है।