छानबीन में पुलिस को पता चला कि जोशी ने अगस्त 2011 में संदीप को संविदा पर आईटी प्रोग्रामर नियुक्त कर एकाउंट विभाग में तैनात कर दिया। यह विभाग अनिल कोहली के पास था। विभाग में स्कॉलरशिप पाने वाले कलाकारों की सूची तैयार होती थी। इसमें नाम, पते, निवास, बैंक खातों की जानकारी होती थी, ताकि स्कॉलरशिप का पैसा सीधे उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए।
संदीप ही यह सूची तैयार करता था। इसलिए उसे प्रक्रिया की खामियों की पूरी जानकारी थी। उसने साजिश रचकर जोशी और कोहली को भी शामिल कर लिया। उसने दोनों को गबन के पैसे में कमीशन का लालच दिया। आरोपी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम से मिलते-जुलते नाम वाले कलाकारों के बैंक खातों की जगह दूसरा बैंक खाता और नंबर डालते थे।
इससे स्कॉलरशिप का पैसा उस खाते में चला जाता था। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद खातों में पैसा न होने पर इनके बीच कमीशन को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद जीसी जोशी ने दिल्ली पुलिस में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करा दी।