अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गलत व्यवहार के आरोप में दो जिला जज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें साकेत कोर्ट के जिला जज वीणा रानी और तीस हजारी कोर्ट जिला जज विनय सिंघल शामिल हैं। दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, वीणा रानी पर फोरम शॉपिंग (किसी मामले की सुनवाई अपनी पसंद की अदालत में कराने की कोशिश करना) के आरोप हैं।वहीं, विनय सिंघल पर कोर्ट ऑक्शनियर (अदालत की नीलामी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी) की नियुक्ति में अनियमितता के आरोप हैं। सिंघल पर आरोप हैं कि उन्होंने ऐसे लोगों को नियुक्त किया जो योग्य नहीं थे और उन्हें अधिक भुगतान की अनुमति दी गई। हाईकोर्ट ने दोनों जजों को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 और दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा नियमों के तहत निलंबित किया है।
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को तय कार्यालयों में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। वीणा रानी को साकेत स्थित प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, साउथ-ईस्ट जिले के कार्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, विनय सिंघल का मुख्यालय तीस हजारी कोर्ट स्थित प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज कार्यालय रहेगा। हाई कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को बिना अनुमति दिल्ली छोड़ने पर भी रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि मामले में आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।