इधर, गाजियाबाद के महमूदपुर निवासी टेकराम ने बताया कि पांच साल पहले उन्होंने बेटी प्रीति की शादी सुनपुरा गांव निवासी प्रदीप से की थी। दोनों का चार साल का बेटा और डेढ़ साल की बेटी है। प्रीति बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे बेटी को घर पर छोड़कर बेटे को स्कूल से लेने निकली थी और वापस नहीं लौटी। ससुराल और मायके वाले उसे तलाश रहे थे। एक युवक के साथ बाइक पर बैठकर जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने बुधवार देर शाम प्रीति की गुमशुदगी सूरजपुर कोतवाली में दर्ज करा दी गई थी।
गौरव के पिता के मुताबिक बुधवार रात 8 बजे बेटे का शव फ्लैट में लटके होने की सूचना दी गई थी। इससे पहले गौरव को फ्लैट दिलाने वाले विक्रम, एक महिला और किसी अन्य शख्स ने साथ मिलकर फ्लैट के बाहर लगा ताला तोड़ दिया था। तभी उन्हें गौरव और प्रीति के शव पंखे पर बेडशीट के सहारे लटके दिखाई पड़े। इसके कई घंटे बाद पुलिस को गुरुवार तड़के लगभग 3 बजे यूपी-100 पर कॉल कर सूचना दी गई।
युवक के परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
जोगेंद्र व अन्य परिजनों का आरोप है कि गौरव का चेहरा काला पड़ चुका था और उसके चेहरे पर चोट के भी निशान थे। जबकि प्रीति के चेहरे पर कोई निशान नहीं थे। पंखे पर गौरव ऊपर की ओर लटका हुआ था और प्रीति उससे थोड़ा नीचे लटकी हुई थी। जबकि गौरव का वजन अधिक है, उसे नीचे होना चाहिए था। गौरव से आर्य समाज मंदिर में विवाह करने वाली युवती के संबंध में जोगेंद्र ने बताया कि गौरव ने कुछ दिन पहले उससे बात कराई थी। पहले वह युवती गौरव के पास वाले फ्लैट में रहती थी लेकिन कुछ दिन पहले वहां से चली गई थी।
विवाह के बाद हुआ था तलाक का समझौता
गौरव और प्रीति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट शुक्रवार को मिलेगी। पड़ताल में पता चला है कि गौरव और उससे आर्य समाज मंदिर में विवाह करने वाली युवती के बीच 15 अक्तूबर को तलाक को लेकर समझौता हुआ था। सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। आत्महत्या और हत्या दोनों कोणों से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
- विनीत जायसवाल, एसपी देहात