डॉक्टर उत्कर्ष की बीमारी की जानकारी देते हुए
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डॉ. आशीष वशिष्ठ ने बताया कि जन्म से जुड़ी बीमारियों के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है। इस बच्चे के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनका कहना है कि जब उनके पास बच्चा आया था तो उसकी हालत गंभीर थी। करीब 11 घंटे के ऑपरेशन के बाद उत्कर्ष को बचाया गया है।
इस ऑपरेशन में सिर्फ आंतों को एक दूसरे से हटाना ही नहीं, बल्कि सिकुड़ी हुई आहार नलिका को भी ठीक करना था। ताकि बच्चा भोजन ले सके। अब तक वह कुछ भी खाता तो उल्टी हो जाती थी। इसलिए डॉक्टरों ने बच्चे का ऑपरेशन करते समय उसकी आहार नलिका के पास पाचन तंत्र तक एक रास्ता भी बनाया।
पिता एके जायसवाल का कहना है कि फिलहाल उनका बच्चा स्वस्थ है और वह अब कानुपर में एक स्कूल में पढ़ने जा रहा है। वह नौंवी कक्षा का छात्र है।