दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी एक्सटेंशन में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैटों के निर्माण में खामी मिलने पर डीडीए के दो इंजीनियर निलंबित किए। यहां फ्लौटों के निर्माण में तय मापदंडों के तहत कार्य नहीं किए जाने पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने डीडीए के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जांच के आदेश दिए थे।
डीडीए की जांच रिपोर्ट में सहायक अभियंता (सिविल) और सहायक अभियंता (इलेक्ट्रिकल) की लापरवाही पाई गई। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गत 11 जून को कालकाजी एक्सटेंशन में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए बनाए गए फ्लैटों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने फ्लैटों के निर्माण को मानकों के अनुरूप नहीं पाया। कई जगह काम आधा-अधूरा भी था। उपराज्यपाल के निर्देश पर 13 जून को इस योजना में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। डीडीए ने 17 जून को एक गोपनीय रिपोर्ट राजनिवास को सौंपी थी। खास बात यह है कि यहां बनाए गए फ्लैटों का दो बार ड्रा निकाला जा चुका है।
डीडीए ने गत 17 जून को ही स्व-स्थाने पुनर्वास परियोजना को बढ़ावा देते हुए भूमिहीन कैंप, ए-14, कालकाजी एक्सटेंशन के 903 लाभार्थियों के लिए ड्रा का आयोजन किया था। इससे पहले ड्रा का पहला चरण फरवरी 2022 में आयोजित किया गया था, जिसमें 673 पात्र परिवारों को आवंटन पत्र जारी किए गए थे।