औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों के शव कब्जे में लेकर सब्जी मंडी मोर्चरी भेजे गए। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर बस को कब्जे में लेकर चालक नरेंद्र (49) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार के हवाले कर दिया।
शुरुआती जांच के दौरान पता चला है कि बाइक सवार दोनों भाइयों की बाइक का संतुलन बिगड़ा और वह दोनों बस के पिछले पहिए के नीचे आ गए। अब इस बात की पड़ताल की जा रही है कि बस ने दोनों को टक्कर मारी या हादसे की कुछ और वजह रही। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच कर रही रही है।
पुलिस के मुताबिक सवी व करण अपने परिवार के साथ मछली मार्केट, भोरगढ़, नरेला में रहते थे। सवी के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई व दो बहनें हैं। वहीं करण के परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई व दो बहन हैं। करण ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल के स्टोर में नौकरी करता था। पिछले कुछ दिनों से सवी ने भी यहीं नौकरी शुरू की थी।
गुरुवार सुबह दोनों अपनी बाइक से नरेला से ग्रेटर नोएडा जाने के लिए निकले। सुबह करीब 7.20 बजे यह सिविल लाइंस होते हुए आईएसबीटी की ओर जा रहे थे। इस बीच आउटर रिंग रोड, मजनू का टीला इलाके में दोनों हादसे का शिकार हो गए। दोनों बस के पिछले पहिए के नीचे आ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर रोढ़ी (बजरी-गिट्टी) पड़ी हुई थी। इसकी वजह से इनकी बाइक असंतुलित होकर गिर गई और दोनों पीछे से आ रही बस के नीचे आ गए। वहीं कुछ लोग बस से टक्कर होने की बात कर रहे हैं। पुलिस हादसे की वजहों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पहले भी नारनौल में आरोपी की बस से हो चुका है हादसा....
हादसे के बाद पुलिस ने मौके से ही आरोपी बस चालक नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नरेंद्र वर्ष 2018 से हरियाणा रोडवेज में संविदा पर चालक की नौकरी कर रहा है। पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि नरेंद्र ने पहले भी खतरनाक तरीके से बस चलाकर नारनौल में हादसा कर चुका है। उसका लाइसेंस भी कोर्ट में जमा है। इन सबके बावजूद भी वह बस चला रहा है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।