तीन घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद देर रात दोनों बच्चों का शव निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शालीमार बाग में रविवार शाम मुनक नहर में नहाने गए दो बच्चे डूब गए। घटना की जानकारी मिलने बाद करीब तीन घंटे तक सर्च अभियान चलाकर दोनों बच्चों का शव बाहर निकाल लिया गया। उन्हें पास के अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव की शिनाख्त नौ साल के अनिकेत और 13 साल के कृष्ण कुमार के रूप में हुई। सोमवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को शव सौंप दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक नौ साल का अनिकेत पिता मुनेश्वर और दो बड़े भाइयों के साथ आयुर्वेदिक अस्पताल शालीमार बाग स्थित झुग्गी में रहता था। उसकी मां का देहांत हो चुका है और पिता मजदूरी करते हैं। परिवार वालों ने बताया कि रविवार को मुनेश्वर अपने काम पर गए थे। शाम को अनिकेत पड़ोस में रहने वाले 13 साल के कृष्ण कुमार के साथ नहाने के लिए नहर पर चला गया। कृष्ण कुमार अपने पिता उमेश कुमार और दो भाई व एक बहन के साथ उसी इलाके में रहता था। कृष्ण की मां की भी मौत हो चुकी है।
जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि रविवार शाम करीब चार बजे दोनों बच्चों के नहर में डूबने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत गोताखोरों को घटना की जानकारी दी। गोताखोरों ने नहर में सर्च आपरेशन चलाया। रात करीब 10:17 बजे दोनों बच्चों को नहर से बाहर निकाल लिया गया। दोनों को तुरंत पास के अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
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अकसर बच्चे नहाने के लिए नहर में जाते हैं
स्थानीय लोगों ने बताया कि आस पास के इलाके में रहने वाले बच्चे अकसर मुनक नहर में नहाने के लिए चले जाते हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कई बार नहर का पानी ज्यादा गहरा हो जाता है। इस बात का अंदाजा बच्चों को नहीं होता है और वह गहरे पानी में जाने की वजह से वह डूब जाते हैं। कुछ दिन पहले वजीरपुर इलाके में भी नहर में नहाने गए दो बच्चे नहर में डूब गए थे। लोगों का कहना है कि नहर के किनारे किसी भी तरह की सुरक्षा दीवार नहीं है। न ही यहां कोई सुरक्षाकर्मी ही तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे अकसर नहर के पास खेलने जाते हैं और फिर मौज मस्ती के लिए नहर में नहाने के लिए उतर जाते हैं।