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ठंड से नहीं बचा पाया बच्चे, बेटी-बेटे ने तोड़ा दम

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रबुपूरा थाना क्षेत्र के कादलपुर गांव में मजदूर के दो बच्चों की ठंड से मौत का मामला सामने आया है। पीड़ित पिता ने इसके लिए प्रशासन पर मदद न करने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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वहीं शुक्रवार को ठंड से बच्चों की मौत की सूचना पर पहुंचे आला अधिकारियों ने पीड़ित का मकान बनाने और मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि एक बच्चे की मौत बीमारी से हुई है।

कादलपुर गांव निवासी मासूम उर्फ सूका गांव में ही रहकर मजदूरी का काम करता है। गांव में पोखर की जमीन में उसकी झोपड़ी है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए उसने झोपड़ी को पॉलीथिन से ढका हुआ है।
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लोहिया आवासके तहत पक्का मकान बनवाने की गुहार लगाई थी

उसके मुताबिक 15 दिन पहले बेटी आयशा (5) की झोपड़ी में ठंड लगने से मौत हो गई। इसके बाद उसने गांव के प्रधान से लेकर प्रशासन के अधिकारियों से लोहिया आवास योजना के तहत दोबारा पक्का मकान बनवाने की गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी और बृहस्पतिवार देर रात उसके बेटे अर्श (1) की भी ठंड लगने से मौत हो गई।

पीड़ित का आरोप है कि कई वर्ष पहले गांव में लोहिया आवास योजना के तहत बीपीएल कार्ड धारकों के लिए पक्के मकान बनाने की योजना आई थी। आरोप है कि उस वक्त सेक्रेट्री ने मकान बनाने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

रिश्वत न देने पर बीपीएल सूची से उसका नाम काटने की धमकी दी गई थी। गांव के प्रधान, राशन डीलर और तत्कालीन एसडीम सदर से शिकायत करने पर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया था।
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प्रशासन बोला पीड़ित के एक बच्चे की मौत बीमारी से हुई

लगभग छह माह पहले बनी लिस्ट से उसका नाम हटा दिया गया। धरने पर बैठा पीड़ित परिवार दो बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवार प्रशासन द्वारा पक्का मकान, बीपीएल कार्ड और पीड़ित की पत्नी को पेंशन की मांग को लेकर गांव में ही धरने पर बैठ गया।

मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर सुभाष यादव और दनकौर ब्लॉक की बीडीओ गरिमा खेर ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच करने के निर्देश दिए।

एसडीएम के मुताबिक पीड़ित के एक बच्चे की मौत बीमारी से हुई है। पीड़ित का उसके भाई के साथ मकान के लिए रास्ते को लेकर झगड़ा था। भाई के साथ बात कर उसके घर के लिए रास्ता निकलवा दिया गया है।

प्रधान से उसका झगड़ा चल रहा था। लोहिया विकास योजना के अंतर्गत यदि वह पात्र है तो पक्के मकान के लिए अगली निकलने वाली लिस्ट में उसका नाम जुड़वाया जाएगा। प्रधान और सेकेट्ररी द्वारा रिश्वत मांगने के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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