अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस ट्रक ने दोनों ट्रकों को टक्कर मारी वह काफी तेज रफ्तार से मौके पर पहुंचा था। चश्मदीदों का कहना था कि हादसे में ट्रकों के बीच दबे बच्चों को पहचान पाना मुश्किल था।
शव देखकर बेहोश हुए माता-पिता
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बच्चों का शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, इफ्तकार का शव देखकर पिता एजाज अहमद और मां मुमताज बेहोश हो गये। होश में आने के बाद मुमताज इंसाफ की मांग की।
वहीं, आफताब के पिता मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि बच्चे नमाज पढ़ने इंद्रलोक जा रहे थे। लोगों का आरोप है कि फ्लाई ओवर पर अवैध रूप से ट्रकों का जमावड़ा लगा रहता है। पुलिस की मिलीभगत से यहां ट्रकों को खड़ा कराया जाता है। जिसकी वजह से राहगीरों को ट्रकों के बीच से गुजरना पड़ता है।