कय्यूम ने बचपन में ही पढ़ाई छोड़कर चोरी करना शुरू कर दिया था। वह दिन में ही केवल यमुनापार इलाके में चोरी करता था। पड़ोसियों से जानकारी लेकर वह लक्ष्य तय करता और उस मकान में घुस जाता। अय्यूब कुछ दूर खड़ा होकर वहां नजर रखता था। खतरा होने पर वह कय्यूम को खबर कर देता। ज्यादातर मामलों में कय्यूम मास्टर की से घर का ताला खोल लेता था।
ताला न खुलने पर वह अय्यूब की मदद से इसे तोड़ देता था। वर्ष 2015 में कय्यूम एक मकान में चोरी करने घुसा था। वहां एक लड़की मौजूद थी। कय्यूम को देखकर उसने शोर मचाया तो वह पकड़ा गया। कय्यूम के खिलाफ पहले से 13 मुकदमे दर्ज हैं।
आखिरी बार वह मई 2015 में गिरफ्तार हुआ था। जेल से आने के बाद उसने 100 से अधिक वारदात कीं। इनमें से 64 को पुलिस सुलझाने का दावा कर रही है। इससे पहले अय्यूब 2014 में भी गिरफ्तार हुआ था।