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Delhi: कुत्तों ने मारा या हुई दोनों भाइयों की हत्या, बस्ती के लोगों ने उठाए ये सवाल; चंदन ने सुनाई पूरी कहानी

Sun, 12 Mar 2023 11:11 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रंगपुरी पहाड़ी की सिंधी झुग्गी-बस्ती में रविवार को हर शख्स के आंसू निकल रहे थे। तीन दिन में दो मासूमों की दर्दनाक मौत से पूरी बस्ती का माहौल गमगीन था।
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वसंत कुंज इलाके में दो भाइयों पर लावरिश कुत्तों ने किया हमला, भाइयों की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वसंत कुंज इलाके में घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने दोनों बच्चों की लावारिस कुत्तों के हमले से मौत की वजह पर सवाल उठाए। किसी ने कहा कि इतने दिनों से यहां रह रहे हैं, लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ। आखिरकार, एक ही घर के दो बच्चों को कैसे कुत्तों ने निशाना बनाया। जिस वक्त आदित्य शौच के लिए जा रहा था, वहां से लौटने के दौरान कुत्ते या बच्चे की चीखने की आवाज भी किसी ने नहीं सुनी, जबकि बस्ती से महज 100 मीटर की दूरी पर ही रंगपुरी की पहाड़ी का जंगल है। 

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वहीं, घटना के बाद से पूरी बस्ती के लोग इतने खौफजदा हैं कि जंगल की तरफ जाने की कोई हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा है। पुलिस घटनास्थल पर पत्थर-मिट्टी और आसपास खून के धब्बों सहित जंगल के हर कोने को खंगाल रही है।

दो बेटों के छिनने से बिलखती रही मां
रंगपुरी पहाड़ी की सिंधी झुग्गी-बस्ती में रविवार को हर शख्स के आंसू निकल रहे थे। तीन दिन में दो मासूमों की दर्दनाक मौत से पूरी बस्ती का माहौल गमगीन था। मां सुषमा का रो-रोकर बुरा हाल था। सुषमा बार-बार बेहोश होकर नीचे गिर रही थी। बिलखती हुई बस यही कह रही थी कि दोनों बेटों को क्यों छीन लिया। परिवार के सदस्य लगातार उसे संभालते हुए ढांढस बंधा रहे थे। रोते हुए बड़ी बहन सुचित्रा ने कहा कि दोनों भाइयों की मौत ने जिंदगीभर का दर्द दे दिया है। हमारे दिल पर क्या बीत रही है, ये हम ही जानते हैं।

टीम ने 10-12 लावारिस कुत्तों को पकड़ा
घटना के बाद लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए निगम की टीम मुस्तैद रही। 10-12 कुत्तों को पकड़कर बंद वाहनों में ले जाया गया, जिन्हें नसबंदी के बाद दोबारा वहीं छोड़ दिया जाएगा। घटना के बाद इलाके के लोगों में इस कदर खौफ है कि अब जंगल का रुख करने से भी बच रहे हैं।

दो माह पहले ही बस्ती में आए थे रहने
मां सुषमा करीब दो माह पहले बस्ती में बच्चों के साथ रहने आई थी। जंगल को पार करने के बाद सुषमा की जेठानी भी अपने परिवार के साथ रहती है। सुषमा ब्यूटी पार्लर में काम कर परिवार का गुजारा कर रही थी। सुषमा कुछ बोलने से पहले बेहोश होकर बार-बार गिर रही थी।
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150 मीटर अंदर चला गया था भाई
आदित्य के चचेरे भाई चंदन ने बताया कि वह सुबह करीब 8:15 बजे भाई के साथ जंगल में शौच के लिए गया था। कोई देखे नहीं, इसलिए चंदन जंगल में करीब 150 मीटर आगे तक चला गया। इसके बाद घर लौटकर आया, लेकिन आदित्य नहीं पहुंचा तो उसे देखने के लिए फिर जंगल चला गया। यहां आदित्य लहूलुहान पड़ा था और कुत्तों के काटने के निशान थे। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आदित्य को मृत घोषित कर दिया। करीब 3:30 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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