- कहासुनी में दोषियों ने शिकायतकर्ता के सिर पर ईंट से किया था वार
सिमरन
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने एक दशक पुराने हमले के मामले में दो भाईयों को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी सुरेश उर्फ पिच्की और नरेश को दोषी ठहराया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पूजा तलवार ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है।
यह मामला 12 अप्रैल 2015 की रात करीब साढ़े दस बजे रणहौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता नवीन सक्सेना अपने मुर्गी फार्म के पास बैठा था। नशे की हालत में आरोपी सुरेश वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। बात बढ़ने पर आरोपी का भाई नरेश भी पहुंचा और दोनों ने शिकायतकर्ता को बुरी तरह से पीटा। आरोप है कि सुरेश ने शिकायतकर्ता के सिर पर ईंट से वार किया।
उपचार के दौरान पिता ने तोड़ दिया था दम
हंगामा सुनकर शिकायतकर्ता का भाई कमल उसे बचाने पहुंचा, लेकिन दोनों आरोपियों ने उसे भी पीटा। कुछ देर बाद शिकायतकर्ता के पिता राम कुमार पहुंचे और बीच-बचाव की कोशिश की। आरोपियों ने उन्हें देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन पीछा किए जाने पर उन्होंने पास पड़ी ईंटें उठाकर राम कुमार पर भी हमला कर दिया। उनके पेट, हाथ और सिर पर गंभीर चोटें आई, जिससे वह वहीं गिर पड़े। घटना के बाद शिकायतकर्ता नवीन ने पुलिस को सूचना दी और घायल पिता को संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है और दोषियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। इस आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया जाता है।