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Delhi NCR News: फर्जी दस्तावेजों से एक करोड़ से अधिक का लोन लेने वाले दो भाई गुरुग्राम से गिरफ्तार

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-पूर्वी जिला की साइबर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा, गुरुग्राम से पकड़े गए गौरव और शुभम छाबड़ा, आरोपियों से की जा रही पूछताछ, जांच के बाद होंगे खुलासे
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-डिजिटल छेड़छाड़ कर 50 से अधिक लोगों के पहचान पत्र बदले, 70 से ज्यादा संदिग्ध बैंक खाते मिले, आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल कर रही पुलिस, मामले की जांच जारी
अमर उजाला ब्यूरो

पूर्वी दिल्ली।
पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये दूसरों के नाम पर एक करोड़ से अधिक का लोन लेने वाले दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। छानबीन में आरोपियों के 70 से अधिक संदिग्ध लोन खातों का पता चला है। आरोपियों की पहचान गुरुग्राम, हरियाणा निवासी गौरव छाबड़ा और शुभम छाबड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए है। उसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि यह फर्जीवाड़ा पटपड़गंज निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद सामने आया। पीड़ित ने बताया था कि उन्होंने कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया था। फिर भी उसके पैन नंबर पर कई लोन चल रहे हैं। फर्जी लोन के कारण उसका सिबिल स्कोर और क्रेडिट प्रोफाइल पूरी तरह खराब हो गया है। पीड़ित की शिकायत पर 17 अगस्त को साइबर थाने में धोखाधड़ी का केस कर जांच शुरू की गई।
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डिजिटल छेड़छाड़ कर बदलते थे फोटो और नाम : साइबर थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी भाई असली लोगों के पैन कार्ड, वोटर आईडी व अन्य पहचान पत्रों में डिजिटल तकनीक से छेड़छाड़ करते थे। आरोपी दस्तावेजों पर नाम, पिता का नाम और फोटो बदलकर फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन लोन लिया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच ठगी के लिए करीब 14 फर्जी सिम कार्ड खरीदे।
गौरव नाम के 50 लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल : टेक्निकल जांच और लेने की पड़ताल करने पर पुलिस ने दोनों भाइयों को दबोच लिया। जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने अकेले गौरव नाम के ही करीब 50 लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। आरोपियों के पास से 16 फर्जी पहचान दस्तावेज, 27 एटीएम-डेबिट कार्ड, 6 पासबुक, 21 चेकबुक, 11 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपियों के पास लोगों के असली पहचान पत्र कहां से पहुंचते थे। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी की वारदातों में और कौन-कौन शामिल है।
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