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गुरुग्राम गैंगरेप केस का तीसरा आरोपी भी अरेस्ट, परिवार ने कहा- बेटा दोषी तो हो दे दो फांसी

Thu, 08 Jun 2017 04:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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gurgaon gang rape
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गुरुग्राम के मानेसर में 9 महीने की बच्ची की हत्या और उसकी मां के साथ ऑटो में गैंगरेप करने वाले मामले में 9 दिन बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी योगेंद्र को पुलिस ने बुधवार सुबह बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। वहीं, दूसरा आरोपी अमित भी बुधवार की शाम गुरुग्राम से ही गिरफ्तार किया गया है। 
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गुरुग्राम गैंगरेप केस में ल‌िप्त तीसरा आरोपी जयकेश भी बुधवार शाम गिरफ्तार क‌र ल‌िया गया है। उसे बुलंदशहर से अरेस्ट कर लिया गया। इस मामले में लापरवाही बरतने पर एक महिला पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी मूलरूप से यूपी के बुलंदशहर के रहने वाले हैं। वे पैसा कमाने के लिए गुरुग्राम आए थे और किराए पर ऑटो चलाते थे।
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'मेरा बेटा दोषी है तो फांसी पर चढ़ा दो'

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गुरुग्राम के मानेसर में हुई गैंगरेप की वारदात में गिरफ्तार छतारी थाना क्षेत्र के गांव रुनसी निवासी योगेंद्र के पिता वेदपाल किसान हैं। पूरे घटनाक्रम को जानकर वे बेहद हताश हैं।

उन्होंने बताया कि उन्होंने योगेंद्र को पढ़ाने के बहुत प्रयास किये लेकिन वह दसवीं से आगे नहीं पढ़ सका। एक महीने पहले योगेंद्र को उन्होंने डांट दिया था। इससे नाराज होकर वह गुरुग्राम में रह रहे अपने साथी जयकेश और अमित के पास चला गया। 

उन्होंने कहा कि बुधवार दोपहर उसकी गिरफ्तारी की उन्हें सूचना मिली। वे चाहते हैं कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करे। उन्होंने टूटी आवाज में कहा कि यदि योगेंद्र दोषी है तो उसे फांसी पर चढ़ा दिया जाए। वह समझ लेंगे कि उनका कोई पुत्र नहीं था।

परिजनों से पूछताछ में पता चला कि जयकेश और अमित छह महीने से गुरुग्राम में रहते थे। जयकेश दसवीं फेल है। उसके पिता सतपाल सिंह पूर्व प्रधान हैं। जबकि अमित बीएससी कर रहा है। जयकेश और अमित के परिजनों ने उन्हें निर्दोष बताया है। साथ ही पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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​महिला ने इस डर से पहले नहीं बताई गैंगरेप की बात

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पीड़ित महिला 24 साल की है और बिहार की रहने वाली है। तीन साल पहले उसने गांव के ही मुस्लिम युवक से प्रेम विवाह किया था। परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ घर छोड़ कर उसके साथ शादी की।

शादी के दो साल बाद उसे बेटी पैदा हुई। पुलिस को काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि वह बहुत ही गरीब परिवार से है। पहले ही उसने मायके वालों का विरोध कर शादी की थी। उसे बेटी पैदा हो गई। बेटी की मौत और गैंगरेप की घटना के बाद वह टूट चुकी थी। 

पोस्टमार्टम के दौरान जब पति ने उससे पूरी बात जाननी चाही तो उसने पूरी कहानी बयां की। पति के भरोसे के बाद दोबारा से वह एक जून को मानेसर थाने गए। वहीं पुलिस की ओर से मामला दर्ज करने में डेढ़ से दो दिन की लापरवाही हुई, जिसके कारण महिला एसआई को निलंबित किया गया। 
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