-पूर्वी जिला वाहन चोरी निरोधक शाखा ने अंतरराज्यीय गैंग का किया खुलासा
-नकली चाबी और अन्य औजार किए बरामद, घेराबंदी कर दबोचा गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी जिला वाहन चोरी निरोधक शाखा ने नकली चाबी के जरिये दिल्ली से लग्जरी वाहन चुराने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने आठ कारें बरामद की हैं। साथ ही पुलिस ने इनके कब्जे से नकली चाबियां बनाने में इस्तेमाल होने वाली डिवाइस, मोबाइल डोंगल और मोबाइल सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, नकली नंबर प्लेट, खाली चाबियां और औजार भी जब्त किए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त अभिषेक धानिया ने बताया कि पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वाहन चोरी निरोधक शाखा को मामलों की जांच की जिम्मेदारी दी गई। निरीक्षक पवन यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया और संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी। 5 दिसंबर को बदमाशों के इलाके में आने की जानकारी मिली। पुलिस की टीम ने गाजीपुर के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस ने ब्रेजा और इनोवा कार पर सवार बदमाशों को रोकने की कोशिश की, तो वह भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। इनकी पहचान गांव फतेहपुर बदायूं यूपी निवासी पप्पू उर्फ असलम और कानोन गोयन, मुरादाबाद यूपी निवासी कुलदीप के रूप में हुई। पूछताछ में बदमाशों ने न्यू अशोक नगर इलाके से इनोवा चुराने की बात कबूल की। बरामद कार दीपेंद्र सिंह की थी, जिसकी चोरी की शिकायत उन्होंने 5 दिसंबर को न्यू अशोक नगर थाने में की थी। मारुति ब्रेजा कार से तीन नकली नंबर प्लेट, एक टैबलेट, कार की चाबियां, एक एडॉप्टर, ड्रिल मशीन, स्क्रूड्राइवर, हथौड़ा और चोरी के अन्य औजार मिले। दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ में कई वाहनों की चोरी में अपनी संलिप्तता कबूल की। इनके निशानदेही पर पुलिस ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में छह गाड़ियां बरामद की। इसमें क्रेटा, ब्रेजा, इनोवा, बलेनो और कालका जी से चुराई अल्काजार शामिल है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरोह के अन्य साथियों और चोरी के अन्य वाहनों के खरीदारों की धर पकड़ के लिए पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
रीसेल वैल्यू ज्यादा होने की वजह से लग्जरी वाहनों को बनाते थे निशाना
आरोपियों ने बताया कि वह लग्जरी गाड़ियों को निशाना बनाते थे, क्योंकि ऐसी गाड़ियों की मार्केट में रीसेल वैल्यू ज्यादा मिलती है। वह एक एडवांस्ड लैंसडोर चाबी बनाने वाले डिवाइस की मदद से बनाई गई नकली चाबियों का इस्तेमाल करके बिना किसी नुकसान के गाड़ियां चुरा लेते थे। बदमाशों ने बताया कि अपराध से मिले पैसे का इस्तेमाल वह अपने रोजाना के खर्चों को पूरा करने और अपना गुजारा करने के लिए करते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी अनपढ़, बेरोजगार और शराब का आदी हैं।