-दिल्ली से बड़ी संख्या में बसों से हो रही माल ढुलाई, इस महीने 100 बसें हुईं जब्त
-24 घंटे में 4,900 से ज्यादा वाहनों की तलाशी, ट्रैफिक पुलिस ने पीयूसीसी से जुड़े 2390 चालान काटे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में एक दिन में 28 अंतरराज्यीय बसें जब्त की गई हैं। ये बसें अवैध माल ढुलाई में लगी हुई थीं। बढ़े वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग की कार्रवाई में ये बसें पकड़ी गईं। विभाग ने 24 घंटे में 4,900 वाहनों की पीयूसी जांच की और 2,390 चालान काटे गए। सरकार ने साफ किया कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कोई ढील नहीं दी जाएगी, लेकिन आम लोगों को पीयूसी केंद्रों पर परेशानी भी नहीं होने दी जाएगी। दिल्ली परिवहन विभाग ने शुक्रवार को बताया कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी है। हालिया अभियान के तहत एक दिन में 28 माल ढोने वाली बसों को जब्त किया गया। विभाग के मुताबिक दिसंबर महीने में अब तक करीब 100 बसों को प्रदूषण से जुड़े मामलों में जब्त किया है। बीते 24 घंटों में दिल्ली भर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इनमें से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पीयूसीसी से जुड़े 2,390 चालान काटे, परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने 285 चालान जारी किए, जबकि एएनपीआर कैमरों के जरिये 1,114 चालान किए गए। इसके अलावा ग्रैप नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग ने 11 और ट्रैफिक पुलिस ने 170 चालान काटे। नियमों का पालन करने के बाद 238 वाहनों को छोड़ दिया गया।
पीयूसीसी केंद्रों में गड़बड़ी पर सरकार सख्त
परिवहन विभाग ने पीयूसी केंद्रों में गड़बड़ियों पर भी सख्त रुख अपनाया है। अब तक 28 पीयूसी केंद्रों को निलंबित किया जा है, जबकि दो केंद्रों का लाइसेंस रद्द किया गया है। दो अन्य केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। गोकुलपुरी इलाके के एक पीयूसी केंद्र पर फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
खुद पीयूसीसी केंद्रों का निरीक्षण करें : डॉ. पंकज सिंह
परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खुद पीयूसी केंद्रों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि वाहन मालिकों को प्रमाण पत्र बनवाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर किसी केंद्र पर गड़बड़ी या मनमानी पाई जाती है तो उस पर तुरंत सख्त कार्रवाई होगी। इस बीच कश्मीरी गेट, गीता कॉलोनी और मोरी गेट जैसे प्रमुख प्रवेश और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।