लॉकडाउन में कामधंधा ठप होने के कारण पैसे कमाने के चक्कर में दो दोस्त अपहरणकर्ता बन गए। दोनों ने पांच दिन पहले फरीदाबाद के सेक्टर-91 में घर के बाहर से 11 साल के एक बच्चे का अपहरण कर लिया। आरोपियों ने बच्चे को गाजीपुर, दिल्ली स्थित एक होटल में छिपा कर रखा था और उसकी मां से फिरौती मांगने की तैयारी में थे।
इससे पहले ही पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और तकनीक की मदद से शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
पुलिस उपायुक्त मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि सेक्टर-91 में रहने वाली पूनम चौहान ने पल्ला थाने में 14 अक्तूबर को मामला दर्ज करवाया था कि उनका 11 साल का बेटा पृथवी चौहान 13 अक्तूबर की शाम घर के पास स्थित डेयरी से दूध लेने गया था और उसके बाद वापस नहीं लौटा।
पल्ला थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने कॉलोनी में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो उसमें दो युवक स्कूटी पर पृथ्वी को ले जाते हुए दिखा दे रहे थे। पुलिस ने पूनम चौहान को वह फुटेज दिखाई तो उसमें से एक युवक की पहचान उन्होंने सोनू के रूप में की।
पूनम चौहान कुत्ते खरीदने व बेचने का काम करती हैं और कल्याणपुरी, दिल्ली निवासी सोनू कुत्तों को ट्रेनिंग देता है। ऐसे में सोनू का पिछले तीन साल से पूनम चौहान के पास आना जाना था। वह पूनम चौहान से कई बार कुत्ते के बच्चे भी खरीद चुका था।
ऐसे में पूनम चौहान की आर्थिक स्थिति ठीक होने के कारण उसने अपने दोस्त गाजीपुर, दिल्ली निवासी अमन के साथ उनके बेटे के अपहरण की योजना बनाई। अमन एसी ठीक करने का काम करता था, मगर लॉकडाउन के कारण उसका भी काम ठप हो गया था।