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Delhi Crime: नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो गिरफ्तार, 50 से ज्यादा लोगों के साथ कर चुके हैं ठगी

Tue, 28 Jun 2022 01:32 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

बदरपुर निवासी आकांक्षा ने आठ अप्रैल को साइबर थाना प्रभारी कुलदीप शेखावत को शिकायत दी थी कि कुछ जालसाजों ने उसे अमेजन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर उसके खाते से 4 लाख रुपये उड़ा लिए हैं। आरोपियों ने उसे एक लिंक भेजा था। लिंक को क्लिक करते ही उसके बैंक खाते से 4 लाख रुपये निकल गए। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दक्षिण-पूर्व जिले की साइबर थाना पुलिस ने लोगों के साथ ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अमेजन में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। आरोपी 50 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। इनके पास से दो लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, चार डेबिड कार्ड और पांच चैक बुक बरामद की गई हैं। पुलिस ने आरोपियों के बैक खाते को सीज कर दिया है। बैंक खाते में पांच लाख रुपये हैं।

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दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय के अनुसार, बदरपुर निवासी आकांक्षा ने आठ अप्रैल को साइबर थाना प्रभारी कुलदीप शेखावत को शिकायत दी थी कि कुछ जालसाजों ने उसे अमेजन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर उसके खाते से 4 लाख रुपये उड़ा लिए हैं। आरोपियों ने उसे एक लिंक भेजा था। लिंक को क्लिक करते ही उसके बैंक खाते से 4 लाख रुपये निकल गए।

मामला दर्जकर इंस्पेक्टर कुलदीप शेखावत की देखरेख में एसआई अतुल यादव व हवलदार सतेंद्र की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर से पीड़ित को लिंक मिला था उसकी डिटेल खंगाली। साथ ही जिस बैंक खाते में आकांक्षा के पैसे गए उसकी छानबीन की गई। पता लगा कि बैंक खाता शकरपुर निवासी मोहिंदर श्रीवास्तस्व (42) के नाम है। एसआई अतुल यादव की टीम ने मोहिंदर श्रीवास्तव के घर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मोहिंदर से पूछताछ करने के बाद नोएडा निवासी उसके साथी प्रमोद प्रभाकर (40) को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह अमेजन में नौकरी का मैसेज बल्क में लोगों को भेज देते थे। इस मैसेज में आरोपी एक ऐसा लिंक अटैच करके रखते थे कि जिस पर क्लिक करते ही पीड़ित का मोबाइल नंबर हैक हो जाता था। साथ ही उस नंबर से संबंधित बैंक खाते की ओर से एक ओटोपी पीड़ित के मोबाइल नंबर पर आ जाता था। इसका इस्तेमाल कर आरोपी पीड़ित का बैंक खाता खाली कर देते थे। आरोपियों ने शुरूआती जांच में बताया है कि वह 50 से ज्यादा आरोपियों के साथ ठगी कर चुके हैं।

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