जेल में रहेगा सात लोगों का परिवार, उम्रकैद की सजा
रामनिवास हत्या मामला के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले के आधा दर्जन आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। विदित हो की गत 9 फरवरी की रात्रि डिंगरहेड़ी डबल मर्डर व सामूहिक गैंगरेप केस में अभियुक्त संदीप के पिता रामनिवास का शव ढाणी के निकट मिला था।
इस मामले में आठ नामजद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने शक के आधार पर नामजद लोगों में से शमशु और सूखा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद गत शुक्रवार को अदालत में पेशकर रिमांड पा लिया था। रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने शमशु और सूखा को सोमवार को दूसरी बार पेशकर दोबार रिमंाड की मांग की।
मगर अदालत ने रिमांड की मांग को नामंज़ूर करते हुए आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। आरोपियों के वकील नूरदीन नूर द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पंचनामे की प्रति मांगी है। जिस पर आगामी सुनवाई 1 मार्च को होगी।
पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है की रामनिवास की संदिग्ध मृत्यु होना दु:खद मामला है।
उनके परिवार से उनकी पूरी हमदर्दी है। पूर्व सरपंच हनीफ, लल्लू सरपंच, लमी चंद, सुनील, मोहनलाल, बसरूदीन, नवाब, सहाबू, आरिफ, राजकुमार आदि का कहना है की पुलिस प्रशासन ने दबाव में रामनिवास हत्या मामले में निर्दोष लोगों को झूठा आरोपी बनाया है। जल्द ही 36 बिरादरी की महापंचायत बुलाकर प्रशासन की गलत कार्रवाई का विरोध किया जाएगा। उक्त लोगों का कहना था की जल्द ही महापंचायत की तारीख का एलान किया जाएगा। महापंचायत को लेकर लोग दो दिन पहले एक बैठक कर चुके हैं।