एम्स में इलाज करवा रहे मरीजों को एमआरआई के लिए सवा दो साल का इंतजार करना पड़ रहा है। जांच में देरी के कारण इलाज भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे ही एक युवक ने अपनी समस्या को सोशल मीडिया पर शेयर किया।
युवक ने लिखा कि उनकी मां का इलाज एम्स के आर्थोपेडिक्स विभाग में चल रहा है। विभाग के डॉक्टरों ने मरीज को दाएं कंधे का एमआरआई करवाने को कहा। जब एमआरआई करवाने गया तो दो फरवरी 2026 की तारीख दी गई है। इस तारीख पर युवक का कहना है कि बिना एमआरआई के आगे का इलाज कैसे होगा।
वहीं, विभाग के अन्य मरीजों का कहना है कि लंबी तारीख देने के कारण बाहर जांच करानी पड़ती है। बता दें कि इससे पहले लोकनायक अस्पताल ने भी मरीज को एमआरआई के लिए लंबी तारीख दी थी। वहीं इस बारे में एम्स की मीडिया विभाग की प्रमुख प्रोफेसर रीमा दादा का कहना है कि सभी दिन 24 घंटे एमआरआई करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद हम पहले के मुकाबले 20 फीसदी एमआरआई अधिक कर पा रहे हैं लेकिन हमारे पास मरीजों की संख्या अधिक है।
अल्ट्रासाउंड के लिए भी लंबा इंतजार
एम्स में एमआरआई के साथ अल्ट्रासाउंड के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए दो माह का इंतजार करना पड़ रहा है। बता दें कि एम्स दिल्ली ने 11 फरवरी को एक आदेश जारी कर दावा किया था कि डॉक्टर के लिखने के बाद एक दिन के अंदर मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। दिल्ली के मयूर विहार निवासी अविचल शर्मा एम्स के मेडिसिन विभाग में इलाज करवा रहे हैं। इन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए 3 जनवरी 2025 की तारीख दी गई है। अविचल ने उन्हें एम्स प्रशासन के आदेश के बारे में भी बताया कि एक दिन के अंदर अल्ट्रासाउंड की जांच हो जानी चाहिए लेकिन फिर भी उन्हें 3 जनवरी को ही आने के लिए कहा गया है।