गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को रामलीला मैदान में गौमाता राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका नेतृत्व भारतीय गो क्रांति मंच के बैनर तले किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में आए गौ भक्तों व साधु-संतों ने हुंकार भरी। प्रदर्शनकारी हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत पूरे देश से इकट्ठा हुए। वहीं कुछ लोग नेपाल से भी आए दिखे।
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौमाता की रक्षा अहम है। गाय का रक्षण करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गौमाता के लिए वही सम्मान मांग रहे हैं जो हमारे पूर्वजों ने प्रदान किया है। मंच के संस्थापक गोपालमणि महाराज ने बताया कि अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य ने वीडियो संदेश भेजकर इस आंदोलन को अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि गौमाता का खोया हुआ गौरव लौटाने का एकमात्र रास्ता है कि सरकार गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दे।