एक-दूसरे को जानते थे दोनों पक्ष
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक निखिल व आरोपी राहुल, आंशु व रीतिक एक-दूसरे को जानते हैं। सभी 11 जून को कक्षाएं अटेंडेंट करने के लिए आर्यभट़्ट कॉलेज आए थे। यहां पर राहुल व उसके दोस्तों ने निखिल की महिला दोस्त को भाभी बोल दिया था। इस बात पर निखिल ने अपने दोस्तों को कॉलेज में बुला लिया। इन लोगों ने राहुल, अंशु, रीतिक व अन्य की पिटाई कर दी। कॉलेज के स्टाफ का कहना है कि कॉलेज परिसर में करीब 40 से ज्यादा छात्रों में झगड़ा हुआ था। अंशु की ज्यादा पिटाई कर दी थी। इसके बाद राहुल व अंशु निखिल व उसके दोस्तों को देख लेने की धमकी दी थी।
आरोपियों ने निखिल को गेट पर पकड़ लिया था
राहुल व उसके साथी रविवार को आर्यभट्ट कॉलेज पहुंच गए। दोपहर के समय जब निखिल कॉलेज के बाहर निकल रहा था तो आरोपियों ने उसकी पिटाई करना शुरू कर दी। इन लोगों में से किसी एक ने निखिल की छाती में चाकू घोंप दिया। इसके बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए नहीं हैं। सड़क पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आरोपी भागते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं।
पुलिस सजग होती तो न होता हत्याकांड
कॉलेज स्टाफ का कहना है कि 11 जून को जब कॉलेज में झगड़ा हुआ था तो पुलिस ने सूचना के बाद भी संज्ञान नहीं लिया। झगड़े के बाद भी कॉलेज में सुरक्षा भी नहीं बढ़ाई गई थी। कॉलेज स्तर पर भी सुरक्षा नहीं बढ़ पाई थी।