पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (पीएलपीए) में 1992 के बाद शामिल किए गए कांत एंक्लेव में सोमवार सुबह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने 13 भूखंडों में बने 12 भवनों को ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई को लोगों ने काला दिवस के रूप में मनाया और काले झंडे दिखाते हुए प्रशासन का विरोध किया, लेकिन कार्रवाई शाम तक बेरोकटोक चली। इस दौरान एक फिल्म स्टूडियो सहित कुल 12 निर्माण तोड़े गए। तोड़फोड़ और मलबे को कब्जे में लेने की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई अंजाम देने के लिए पांच ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पांच तोड़फोड़ दस्ते और सुरक्षा के लिए एनआईटी जोन के थानों से करीब पांच सौ पुलिसकर्मी, एंबुलेंस, दमकल वाहन सुबह ही कांत एन्क्लेव पहुंच गए थे। इस दौरान मुख्य मार्ग पर भूखंडों के मालिक काले झंडे और काले कपड़े पहन कर खड़े थे।
करीब सवा आठ बजे भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया। चार टीमों ने ब्लॉक संख्या तीन में प्लॉट नंबर 373, 374 (मेसर्स लिबरा कॉमर्शियल एलएलपी) 70, 353 (मेसर्स मेट्रोपार्क डेवलपर्स एंड हाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड), ब्लॉक चार स्थित प्लॉट नंबर तीन (तसनीम अजीज अहमदी), 321 और फिल्म स्टूडियो में तोड़फोड़ की गई।