मनोज कुमार ने बताया कि 5-6 जनवरी को उन्होंने चार मूर्ति गोलचक्कर पर पुलिस की मदद से सीसीटीवी फुटेज चेक किया। पुलिस ने उन्हें डिवाइडर पर एक निशान दिखाते हुए वहां बाइक टकराने की बात कही लेकिन फुटेज में सहदेव और अपूर्व बाइक पर आते जाते हुए नहीं दिखाई
दिए। इसका पुलिस ठोस जवाब नहीं दे पाई लेकिन परिजनों को दोनों दोस्तों की मौत के पीछे साजिश की बू आने लगी।
हादसे के बाद सहदेव के मोबाइल पर कॉल रिसीव हुई
मनोज ने बताया कि सहदेव का मोबाइल लॉक था और पासवर्ड पता नहीं हो पाने के कारण उस दौरान वह मोबाइल चेक नहीं कर पाए। लेकिन करीब 15 जनवरी को पासवर्ड डालकर प्रयास करते हुए अचानक लॉक खुल गया। तब उन्होंने देखा कि घटना का जो समय हादसे का बताया गया था, उसके बाद सहदेव के मोबाइल पर दो-तीन बार उसके साथ रहने वाले एक युवक की कॉल रिसीव हुई है।
परिजन ने उस युवक से संपर्क किया तो उसने कॉल करने से साफ इंकार कर दिया और अपने साथी पर कॉल करने की आशंका जताई लेकिन उसने भी कॉल करने से इंकार कर दिया। इसके बाद परिजन ने हत्या की साजिश का आरोप लगा बिसरख कोतवाली में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो परिजन ने पुलिस ऑफिस में डीसीपी हरीश चंदर को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई न होने पर अब परिजन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि के आधार पर जांच करा ली जाएगी। अगर, सड़क हादसे में मौत की पुष्टि नहीं होती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
- हरीश चंदर, डीसीपी सेंट्रल