एयरपोर्ट जाने वालों का डेढ़ घंटे का बचेगा समय
23.6 किलोमीटर लंबे एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के भूमिगत हिस्सों पर काम जारी है। यह कॉरिडोर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को वॉयलेट लाइन से जोड़ेगा। इसमें 15 स्टेशन होंगे जिसमें 4 एलिवेटेड व 11 भूमिगत होंगे। नई लाइन शुरू होने के बाद फरीदाबाद और उसके आसपास के लोगों का एयरपोर्ट जाने में काफी समय बचेगा। लोग तुगलकाबाद इंटरचेंज स्टेशन पर उतरकर घरेलू एयरपोर्ट तक सीधे जा सकेंगे। अभी वॉयलेट लाइन के यात्रियों को केंद्रीय सचिवालय पर उतरकर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर जाना पड़ता है। इससे डेढ़ घंटे का समय लगता है। डीएमआरसी के अनुसार, कॉरिडोर का काम 2025 तक पूरा हो जाएगा।
ऐसे होगा नया भूमिगत तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन
तुगलकाबाद पर नया भूमिगत मेट्रो स्टेशन 4 मंजिला होगा। करीब 23 मीटर की गहराई पर प्लेटफॉर्म होगा। ऊपर कॉनकोर्स और एक पूरा फ्लोर पार्किंग के लिए होगा। भूमिगत पार्किंग में करीब 200 वाहनों की सुविधा होगी। इसमें लिफ्ट, सीढि़यां और एस्केलेटर के जरिये यात्रियों को दोनों लाइनों के बीच मेट्रो इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। तुगलकाबाद मेट्रो इंटरचेंज स्टेशन पर प्रस्तावित भूमिगत पार्किंग दिल्ली की पहली पार्किंग होगी। इससे पहले ग्रे लाइन पर ढांसा बस स्टैंड में ही ऐसा प्रावधान है। नए और पुराने स्टेशन के बीच करीब 45 मीटर का सबवे बनेगा। नए कॉरिडोर के टर्मिनल स्टेशन के रूप में तुगलकाबाद स्टेशन को एक टनल के जरिये सरिता विहार डिपो से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरिता विहार डिपो का विस्तार किया जा रहा है। अभी यहां से केवल वॉयलेट लाइन की ट्रेनें गुजरती हैं।