चुनाव आयोग ने बेशक राजधानी की तीन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी हो, लेकिन राजनीतिक दल और दावेदार उसे फाइनल मानकर नहीं चल रहे हैं। उनकी निगाहें मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार से दाखिल होने वाले जवाब पर टिकी हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ने सोमवार को बुलाई गई पार्षदों की बैठक एक दिन के लिए टाल दी है। वहीं, मंगलवार को ही दोपहर बाद चुनाव समिति की बैठक बुलाई है।
सूत्र बताते हैं कि पार्षदों की बैठक में प्रदेश प्रभारी डॉ. शकील अहमद क्लास लेंगे। अगर तीन सीटों की अधिसूचना जारी होती है और सिर्फ उन्हीं पर चुनाव का जवाब दाखिल होता है तो उन सीटों के दबंग उम्मीदवार उतारने और चुनाव में कांग्रेस को मजबूती से दंगल में उतारने की चर्चा होगी। अगर केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में कोई दूसरा जवाब दाखिल करती है तो उस हिसाब से रणनीति पर चर्चा होगी।
प्रदेश कांग्रेस की चुनाव समिति के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि मंगलवार शाम तीन बजे बैठक बुलाई गई है। क्योंकि तब तक सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से आने वाले जवाब से तस्वीर साफ हो जाएगी। उस जवाब के हिसाब से ही चुनाव समिति का एजेंडा तय होगा।
अमर उजाला से बातचीत में उपचुनाव में दक्षिण दिल्ली की एक सीट से कद्दावर दावेदार ने कहा कि अभी कोई तैयारी नहीं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जो कुछ आएगा, उसके बाद ही भागदौड़ तय होगी। यूं तो हर सीट पर दावेदार होते हैं लेकिन गंभीरता को देखे बिना कांग्रेस इस हाल में टिकट बांटने की हिम्मत नहीं करेगी।