राजकीय डिग्री कॉलेज की सीनियर लेक्चरर ने प्रिंसिपल डॉ. केसी शर्मा पर एक साल से यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। बुधवार को पीड़ित महिला ने बताया कि प्रिंसिपल ने 26 जनवरी को अपने ऑफिस में उससे दुष्कर्म की कोशिश की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक 26 जनवरी को कॉलेज में पौधरोपण कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब 12 बजे लेक्चरर छुट्टी मांगने के लिए प्रिंसिपल के ऑफिस में गई। आरोप है कि इसी दौरान प्रिंसिपल ने महिला से छेड़खानी शुरू कर दी और दुष्कर्म की कोशिश की। विरोध करने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी दी।
राष्ट्रीय महिला आयोग कर रहा जांच
कॉलेज से निकलने के बाद लेक्चरर ने महिला हेल्पलाइन 1090 पर शिकायत की, जहां से उन्हें फौरन कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। बुधवार को पीड़ित महिला ने पुलिस से प्रिंसिपल की शिकायत की। थाना प्रभारी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, दुष्कर्म की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
मूल रूप से मेरठ निवासी लेक्चरर सेक्टर-27 में रहती हैं। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल एक साल से उसका मानसिक और यौन शोषण कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग और शासन से शिकायत भी की है। राष्ट्रीय महिला आयोग मामले की जांच कर रही है।
क्या कह रहे आरोपी और कॉलेज का स्टाफ
आरोपी प्रिसिंपल कहते हैं कि मैं निर्दोष हूं और सारे आरोप बेबुनियाद हैं। छुट्टियां न देने पर लेक्चरर ने यह आरोप लगाए हैं। जांच के बाद असलियत पता चल जाएगी।
वहीं लैक्चरार ने कहा है कि डॉ. केसी शर्मा एक साल मेरा यौन शोषण करता रहा। 26 जनवरी को पौधरोपण कार्यक्रम के बाद उन्होंने रेप करने की कोशिश की। जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने जान से मरने की धमकी दी।
कॉलेज स्टाफ ने लिखा एसएसपी को पत्र
कॉलेज का पूरा स्टाफ प्रिंसिपल के पक्ष में एकजुट हो गया है। बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में स्टाफ ने कहा कि महिला लेक्चरर के आरोप निराधार और द्वेष भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशक से लेक्चरर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।