टीकरी कलां सीएनजी पंप हादसा
- फोटो : भूपिंदर सिंह
जुर्माने तक सीमित रह गया सिस्टम : परमिट उल्लंघन, नो-एंट्री, नंबर प्लेट, लेन बदलने और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में कार्रवाई के बावजूद उसे रोकने या प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत क्यों नहीं समझी गई, यह सवाल अब ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की भूमिका पर उठ रहा है। खास बात यह है कि हादसे से दो दिन पहले ही ट्रक पर 76 हजार रुपये का ओवरलोडिंग चालान हुआ था। इसके बावजूद वह दो दिन बाद दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर पहुंच गया। चालान के बावजूद कार्रवाई सिर्फ जुर्माने तक सीमित रही।
टीकरी कलां सीएनजी पंप हादसा
- फोटो : भूपिंदर सिंह
रिकॉर्ड के मुताबिक 14 जुलाई 2024 को परमिट उल्लंघन के लिए 10 हजार रुपये का चालान हुआ। इसी दिन परमिट उल्लंघन के साथ नंबर प्लेट साफ नहीं दिखने पर 15 हजार रुपये का एक और चालान किया गया। 30 जुलाई 2024 को नो-एंट्री में प्रवेश के दो मामलों में 25-25 हजार रुपये के चालान हुए। यानी एक ही दिन 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा।
इसके बाद 19 फरवरी 2025 को गलत पार्किंग के लिए 500 रुपये का चालान हुआ। वर्ष 2026 में छह फरवरी और 16 अप्रैल को लेन बदलने पर 1500-1500 रुपये के चालान किए गए। छह मई को बिना नंबर प्लेट के चलने पर 500 रुपये का चालान दर्ज हुआ। इसके बाद 17 अगस्त को ओवरलोडिंग के मामले में 76 हजार रुपये का चालान किया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में अन्य लंबित चालान भी हैं। सभी को मिलाकर बकाया राशि करीब 1.55 लाख रुपये है।