दिल्ली में नौकरी करने वाले युवक ने व्हाट्सएप पर ही पत्नी को तीन तलाक दे दिया। उसके बाद ससुराल वालों ने इद्दत कराने के लिए महिला को घर में बंधक बना लिया। सूचना पर परिजनों के साथ पहुंची पुलिस ने महिला को मुक्त करवाया।
सिंभावली क्षेत्र के एक गांव का युवक दिल्ली में अपने जीजा की दुकान पर नौकरी करता है। उसकी शादी करीब दो साल पहले दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की से हुई थी। करीब एक सप्ताह पहले दिल्ली गए युवक ने 16 मार्च को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया।
इसका पता लगने पर परिवार वालों ने भी बेटे का साथ देते हुए बहू को घर में बंधक बनाकर लिया। मौका पाकर महिला ने शनिवार शाम अपनी आपबीती सुनाते हुए मायके वालों को सूचना दे दी। वे लोग सिंभावली थाने पहुंच गए और बेटी के साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी दी।
परिजनों के साथ आई पुलिस ने घर में बंधक बनाई गई महिला को मुक्त करा दिया और अपने साथ थाने ले गई। परिजनों का आरोप है कि बाइक और दो लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी को व्हाट्स एप मैसेज के माध्यम से तीन तलाक की सजा दी गई है। करीब दो घंटों तक दुखड़ा सुनाने के बाद परिजन किसी भी कार्रवाई के बिना तलाकशुदा बेटी और उसकी बच्ची को अपने साथ लेकर चले गए।
एसओ नीरज कुमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर परिजनों के साथ पहुंची पुलिस महिला को मुक्त कराकर थाने ले आई थी। कानूनी सलाह लेने के बाद ही कोई कार्रवाई करने की बात कहकर परिजन तलाकशुदा महिला को अपने साथ घर ले गए। इस कारण फिलहाल स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई मुमकिन नहीं हो पाई है।