पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को दिनभर सुनीता की मां कृष्णा देवी अपनी बेटी को कॉल कर रही थी, लेकिन उसका फोन नही उठ रहा था। इस बीच सुनीता की बड़ी बहनों ने भी उसको कॉल किया, लेकिन फोन नही उठा। रात करीब 9.40 बजे कुछ गड़बड़ की आशंका को देखते हुए कृष्णा देवी ने गुलशन व सुनीता के बीच झगड़े की जानकारी पीसीआर को दी।
पुलिस मौके पर पहुंची तो गुलशन के मकान का दरवाजा बाहर से खुला था। पुलिस ने अंदर जाकर देखा तो अलग-अलग कमरों में सुनीता व कांता देवी के शव पंखे से लटके मिले, जबकि फ्लैट के कॉरिडोर में लोहे की पाइप से गुलशन का शव लटका था। मामले की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को पता चला है कि शुक्रवार को गुलशन अपने ऑफिस भी गया था।
आईआईटी में एक साथ तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस कोई चूक नही करना चाहती है। यही वजह है कि पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवाने का फैसला लिया है। मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए दिल्ली सरकार से सिफारिश कर दी गई है। रविवार को पोस्टमार्टम करवाया जा सकता है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस आगे की जांच करेगी।
आईआईटी कैंपस के स्टाफ क्वार्टर में परिवार के तीन लोगों के शव मिले हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन की जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
देवेंद्र आर्य, दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त