मयूर विहार के त्रिलोकपुरी इलाके में तीसरे दिन भी दोनों समुदायों के बीच तनाव बना रहा। 27 ब्लॉक के एक कपड़े के शोरूम में शनिवार तड़के आग लगाए जाने के बाद फिर पथराव शुरू हो गया। पूरे दिन पुलिस हालात पर काबू पानेे में लगी रही, लेकिन रह-रहकर बलवा जारी रहा। शाम को 20 ब्लॉक में एक पक्ष की ओर से चली गोली में पांच लोग जख्मी हो गए।
हालात बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पुलिस ने बलवा करने के आरोप में 60 लोगोें को गिरफ्तार किया है। वहीं कई लोगाें को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बवाल में 13 पुलिसकर्मियों समेत करीब 20 लोग जख्मी हुए। इलाके में धारा 144 लगा दी गई है।
शुक्रवार रात को हुए पथराव के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाते हुए करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया था। लेकिन शनिवार तड़के कुछ असामाजिक तत्वों ने 27 ब्लॉक स्थित एक कपड़े के शोरूम में आग लगा दी। शोरूम पूरी तरह जलकर राख हो गया। सुबह इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक समुदाय में असंतोष फैल गया।
कुछ ही देर बाद अफवाह फैली की एक समुदाय के लोगों ने गोलीबारी शुरू कर दी है, जिसमें कई लोग जख्मी हो गए हैं। खबर फैलते ही 20 ब्लॉक के अलावा 26, 27, 15 औेर 16 ब्लॉक में पथराव शुरू हो गया।
इसी बीच करीब शाम चार बजे एक समुदाय के लोगों ने पथराव कर रहे लोगों पर गोली चला दी। गोली लगने से पांच लोग जख्मी हो गए। इसके बाद एक बार फिर इलाके में लोग एक दूसरे पर पथराव करने लगे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। इलाके के बुजुर्गों और अमन कमेटी के जरिए शांति बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भारी पुलिसबल भी बलवा नियंत्रित करने में नाकाम
मयूर विहार के त्रिलोकपुरी में बृहस्पतिवार देर रात से शुरू हुई पत्थरबाजी की घटना तीसरे दिन भी जारी रही। शुक्रवार और शनिवार को तो गोलीबारी भी की गई और जमकर एक-दूसरे पर पत्थर बरसाए। बलवा के बाद मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है, लेकिन पुलिस हंगामा रोकने में नाकाम रही।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिस ने इलाके में हो रहे तनाव को गंभीरता से नहीं लिया और न ही उसपर कोई कार्रवाई की। यहां तक की लोगों का आरोप है कि जिसकी वजह से तनाव उत्पन्न हुआ है, पुलिस उसे साथ लेकर हालात को काबू करने का प्रयास किया। जिसकी वजह सेे दूसरे समुदाय के लोगों में तनाव उत्पन्न हो गया। गत बृहस्पतिवार से ही इन ब्लॉकों में सैकड़ों लोग जमा होकर पत्थरबाजी करते रहे। बृहस्पतिवार को इलाके में पथराव होने के बाद रेपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया था। हालात पूरी तरह से नियंत्रित भी नहीं हुआ कि रेपिड एक्सन फोर्स को इलाके से हटा लिया गया।