पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फाइल फोटो
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पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह की 33 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें किसान घाट पर बृहस्पतिवार को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पूर्व सांसद एवं आरएलडी उपाध्यक्ष जयन्त चौधरी, उनकी पत्नी चारु सिंह, बड़ी पुत्री तथा पार्टी प्रवक्ता सुनील रोहटा, समरपाल सिंह, बिजेंदर पंवार एवं कुछ कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन नियमों का पालन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
इस बार उनके बेटे अजित सिंह लॉकडाउन के नियमों के कारण किसान घाट नहीं जा पाए। उन्होंने इस मौके पर देशवासियों के स्वास्थ्य की प्रार्थना की और विश्वास जताया के देश का कमेरा वर्ग चौधरी साहब की विचारधारा पर कायम रहेगा और संगठित होगा। देश के युवा आज भी चौधरी साहब को आदर्श मानते हैं और सभी जाति, समुदाय के लोग उनके संवेदनशील, मानवीय और कल्याणकारी नेतृत्व को याद करते हैं।
इस मौके पर जयंत चौधरी ने कहा कि किसान-मजदूर के लिए काम करने वालों के साथ चौधरी साहब का आशीर्वाद हमेशा रहता है। प्रार्टी प्रवक्ता सुनील रोहटा ने कहा कि कोरोना संक्त्रस्मण काल में मजदूरों को भुखमरी से बचा रही मनरेगा योजना (उस समय अंत्योदय योजना- काम के बदले अनाज) पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह ने ही शुरू की थी।
उनका मानना था कि असली भारत गांव में बसता है और जब तक वह भारत (किसान - मजदूर) सशक्त नहीं होगा, भारत का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने सत्ता मिलते ही सबसे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय का गठन कर गांवों के विकास व उन्हें पहचान दिलाने का काम किया। भारत की स्वतंत्रता से लेकर आधुनिक भारत निर्माण में मुख्य भूमिका निभाने वाले महामानव को भारत रत्न मिलना चाहिए था लेकिन ऐसा न होना देश का दुर्भाग्य है।