राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर न्यू अशोक नगर और साहिबाबाद स्टेशनों के बीच ट्रायल रन लगभग पूरा हो चुका है। जनवरी 2025 तक इसके चालू होने की उम्मीद है। एनसीआरटीसी ने दिल्लीवालों को बड़ी खुशखबरी दी है।
गाजियाबाद के साहिबाबाद से दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक आरआरटीएस के ट्रायल रन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। अधिकारी ने बताया कि सभी काम पूरा होने के बाद जल्द ही इस खंड के बीच ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। स्टेशन पर एक समर्पित पार्किंग स्थल बनाया जाएगा, जिसमें करीब 1,200 वाहनों के लिए जगह होगी। साहिबाबाद और न्यू अशोक नगर के बीच दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर पर ट्रायल रन तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशन खुलने से कॉरिडोर की लंबाई 42 किलोमीटर से बढ़कर 54 किलोमीटर हो जाएगी।
भूमिगत आनंद विहार स्टेशन सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब
भूमिगत आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन कॉरिडोर पर सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब में से एक बनने वाला है। उन्होंने कहा कि इसे दो मेट्रो लाइनों (नीली और गुलाबी), आनंद विहार रेलवे स्टेशन और दो आईएसबीटी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों स्टेशन अपने अंतिम चरण में हैं, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार जनवरी 2025 तक चालू हो जाएंगे, जिससे मेरठ और नोएडा के बीच यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। अधिकारी ने कहा कि पूरा आरआरटीएस कॉरिडोर, जो 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है, दिल्ली के सराय काले खां और मेरठ के मोदीपुरम के बीच यात्रा के समय को एक घंटे से भी कम कर देगा।
90 मीटर लंबा फुट ओवरब्रिज बनाया जा रहा
नमो भारत ट्रेन सेवाओं के माध्यम से यात्री न्यू अशोक नगर और मेरठ दक्षिण के बीच मात्र 35-40 मिनट में यात्रा कर सकेंगे। मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर डिजाइन किया गया न्यू अशोक नगर स्टेशन आरआरटीएस को दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन से जोड़ेगा। उन्होंने बताया कि न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन को अशोक नगर मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए 90 मीटर लंबा फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाया जा रहा है। 600 वाहनों के लिए संयुक्त स्थान वाले दो पार्किंग क्षेत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें कार, मोटरसाइकिल और साइकिल के लिए पार्किंग शामिल होगी। उन्होंने कहा कि पार्किंग के पहले 10 मिनट निशुल्क होंगे, जिससे पिक एंड ड्रॉप सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।