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कराती रही पेट दर्द का इलाज, निकला सात किलो ट्यूमर

Fri, 22 Jan 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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ढाई साल तक एक महिला झोलाछाप डॉक्टरों से पेट दर्द का इलाज कराती रही। महिला के मुताबिक झोलाछाप डॉक्टर पेट में गैस की बीमारी की बात कहकर इलाज करते रहे लेकिन जब अल्ट्रासाउंड हुआ तो बड़े ट्यूमर का पता चला। सेक्टर- 24 स्थित ईएसआई अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर का वजन करीब सात किलो था, जो कि दुर्लभ है। शुक्रवार ऑपरेशन के बाद महिला ठीक है।
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पेशे से ब्रुश बनाने का काम करने वाली भंगेल निवासी प्रभा (35) ने बताया कि बीते करीब ढाई साल से पेट में दर्द, खाना खाने में परेशानी और खाना पचने में दिक्कत से पीड़ित थी। उसने बताया कि स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज शुरू किया, जिसमें पेट में गैस की बात कहकर डॉक्टरों ने दवा दे दी। दर्द कम नहीं हुआ और सांस लेने में दिक्कत शुरू  हो गई। ऐसे कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन लाभ नहीं हुआ। करीब ढाई साल बीत गए और दिक्कत बढ़ती गई।

एक डॉक्टर के कहने पर अल्ट्रासाउंड कराया, जिसमें ट्यूमर का पता लगा। ऐसे में ईएसआई अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची। अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और उनकी टीम ने ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया। चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा ने बताया कि डॉक्टरों से मिली जानकारी के मुताबिक ट्यूमर करीब सात किलो वजनी था।
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इतना बड़ा ट्यूमर अब तक डॉक्टरों को ऑपरेशन में नहीं मिला है। मेडिकल भाषा में इस ट्यूमर को ह्यूज ब्राड लिगामेंट सिस्ट कहते हैं। वक्त पर ट्यूमर का इलाज नहीं कराने के कारण महिला के अंडाशय भी खराब हो गए थे, जो कि निकाल दिए गए हैं। ट्यूमर से करीब छह लीटर फ्लूड निकला है। डॉक्टरों के मुताबिक ट्यूमर यदि नहीं निकाला जाता तो महिला को सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती और उससे उसकी जान को खतरा पैदा हो सकता था। महिला को बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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