डीडीसीए मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला होने की खुफिया सूचना दिल्ली सरकार को मिली थी। इसके मद्देनजर कोर्ट में पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था।
पटियाला हाउस के कोर्ट नंबर चार में सीएमएम सुमित दास के समक्ष जेटली बनाम केजरीवाल व अन्य के मामले की सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को भारी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
आला पुलिस अधिकारी सुबह से ही कोर्ट में परिसर में मौजूद थे। कोर्ट रूम के बाहर आने जाने के रास्ते को रस्से बांधकर घेर लिया गया था और वहां पर पुलिस व अर्धसैनिक बल को खड़ा किया गया था।
केजरीवाल पर हमले या हाथापाई की खुफिया सूचना मिली थी
केजरीवाल
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार को केजरीवाल पर हमले या हाथापाई की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद सरकार ने पुलिस आयुक्त से भी बात की थी। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने औपचारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की। उधर, पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच अरुण जेटली कोर्ट पहुंचे। इनके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उनके साथ दूसरे आप नेता कोर्ट पहुंचे। इनसे पहले आप नेता संजय सिंह, आशुतोष, दिलीप पांडेय, इमरान हुसैन कोर्ट पहुंच चुके थे।
मामले की सुनवाई के लिए पक्षकारों के वकीलों के अलावा दूसरे वकील भी काफी संख्या में पहुंचे थे। पत्रकारों व जेएनयू छात्रों से मारपीट के आरोपी विक्रम सिंह चौहान भी इनके बीच नजर आए।
इन वकीलों ने कोर्ट रूम में जाने की काफी कोशिश की लेकिन पुलिस ने केवल उन्हीं वकीलों को अंदर जाने दिया जो इस मामले की पैरवी कर रहे थे। इसके साथ ही पुलिस ने केवल छह पत्रकारों को कोर्ट रूम में जाने दिया।