शाहदरा-तीस हजारी (8.5 किलोमीटर) के बीच 19 साल पहले मेट्रो की शुरुआत हुई थी। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं शुक्रवार से 20 साल में प्रवेश कर जाएंगी। महज कुल किलोमीटर से मेट्रो के सफर की शुरुआत अब 392 किलोमीटर के दायरे में है। 10 अलग अलग लाइनों पर नेटवर्क विस्तार के साथ ही मेट्रो ने लाखों यात्रियों को रोजाना सेवाएं मुहैया करते हुए विपरीत हालातों में भी समय के साथ कई बदलाव देखे। परिचालन के 20 वें वर्ष दिल्ली की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो के आगे बढ़ने का सिलसिला जारी है।
नए साल में दिल्ली मेट्रो फेज-4 परियोजनाओं पर काम के साथ साथ नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की सुविधा भी शुरू होगी। फेज-4 के पहले कॉरिडोर के पूरा होते ही मेट्रो का नेटवर्क 400 किलोमीटर से अधिक का हो जाएगा। मेट्रो फेज-4 के साथ ही दिल्ली मेट्रो ने ड्राइवरलेस ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया। फेज-4 के मौजपुर-मजलिस पार्क पर मेट्रो का निर्माण पूरा होने के बाद देश का पहला रिंग कॉरिडोर भी तैयार हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं शुरू होने से दिल्लीवासियों को परिवहन का एक ऐसा विकल्प मिला, इससे समय की काफी बचत हो रही है। सड़कों पर अब वाहनों के जाम से लोगों को नहीं जूझना पड़ता है।
नियमों की अनदेखी पर किया जा रहा है जुर्माना
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएमआरसी ने भी एक बार फिर सख्ती बढ़ा दी है। यात्रियों को बार बार कोविड प्रोटोकॉल के पालन की उदघोषणा की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माना किया जा रहा है। मगर, मेट्रो में यात्रियों को सफर करने की इजाजत मिलने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना यात्रियों को भी व्यवहारिक नहीं लग रहा है। यात्रियों का कहना है कि अगर एक साथ कोच में सभी सीटों पर बैठने के अलावा 30 यात्री खड़े होकर सफर कर सकते हैं तो सामाजिक दूरी का पालन कैसे हो सकता है। डीएमआरसी प्रवक्ता के मुताबिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। पहले उनकी काउंसलिंग की जाती है। अगर फिर भी अनदेखी की जाती है तो जुर्माना भी किया जा रहा है।